भदोही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को भदोही के भिखारीपुर मैदान स्थित कार्पेट एक्सपो मार्ट पहुंचे और अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के उद्घाटन के बाद वहां लगे स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कालीनों की बारीक कारीगरी देखी और कारीगरों के हुनर की तारीफ की।
सीईपीसी चेयरमैन कुलदीप राज वाटल और वाइस चेयरमैन असलम महबूब ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मेले में लगे विविध डिजाइनों और निर्माण कला को देखकर मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार का प्रयास है कि कारीगरों और निर्यातकों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर बाजार और नई तकनीक उपलब्ध कराई जाए।”
कालीन उद्योग और विकास
सीएम ने कहा कि भदोही का कालीन उद्योग न केवल देश में बल्कि दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वांचल के तीन प्रमुख जिलों को जोड़कर सिल्क क्लस्टर विकसित होने से इस क्षेत्र की पारंपरिक कला और उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और मजबूती मिलेगी। मेले में सीईपीसी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उद्योग से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भदोही का नाम बदलने का ऐलान करते हुए कहा, “जिला अब संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा।” उनके इस बयान के बाद जनसभा में नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई।
राजनीतिक रुख पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने सपा पर तीखा हमला किया और कहा, “उसके एजेंडे में युवा और महिला नहीं हैं। सपा की राजनीति परिवार, माफिया और दंगाइयों के इर्द-गिर्द रही है।” उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास का माहौल बनाने की दिशा में काम किया है।
कारीगरों और निर्यातकों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि जिले का नाम बदलने की घोषणा से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में बढ़ी हुई चर्चा और इंतजार दिखा। 앞으로 सरकार से तकनीकी सहायताओं और बाजार विस्तार की घोषणाओं की अपेक्षा रहेगी।
स्रोत: अमर उजाला

