भदोही। शुक्रवार को ज्ञानपुर में भक्तों ने ‘‘गणपति बप्पा मोरया’’ और ‘‘अगले बरस जल्दी आना’’ के नारों के साथ भगवान गणेश को भावपूर्ण विदाई दी। पूजा के दस दिनों के बाद निकली विसर्जन यात्रा में भारी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।
ढोल-नगाड़ों और डीजे की थाप पर निकली यात्रा में श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल उड़ाए और कई स्थानों पर महिलाओं ने हाथ में छाता लेकर हिस्सा लिया। बारिश ने शुरुआत में थोड़ी रुकawat पैदा की, पर यह यात्रा रोकी नहीं गई।
विसर्जन यात्रा
पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सजाकर विसर्जन स्थलों तक ले जाया गया। शाम ढलते-ढलते एक-एक कर सभी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विसर्जन सिंहपुर, नई बाजार और इब्राहिमपुर नहर में किया गया, जबकि उगापुर नहर में भी प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।
गणेशोत्सव समितियों ने बताया कि दस दिनों तक प्रतिमाओं की पूजा के बाद विदाई का मौका भावुक कर गया। गणेश पूजा महासमिति के अध्यक्ष अरविंद मौर्य ने कहा, “बारिश के कारण विसर्जन यात्रा में कुछ देर हुई।”
शोभायात्रा भदोही नगर के मर्यादपट्टी से भी निकाली गई और प्रयागपट्टी चौरा माता मंदिर की गणेश पूजा समिति तथा अन्य गणेशोत्सव समितियों की प्रतिमाएं बारी-बारी निकाल कर शामिल कराई गईं। यात्रा में युवा टोली ने विशेष उत्साह दिखाया और भक्ति गीतों पर लोग नाचते-गाते नजर आए।
प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा को लेकर चौकसी बरती। विसर्जन घाटों पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और परिवहन बाधित न हो।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी, विनीत बरनवाल, अजय दुबे, गिरधारी जायसवाल, चहल, विकास सेठ, सुभाष चंद्र मौर्य, रविंद्र मौर्य, शुभम और राहुल गौतम आदि मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने कहा कि पूरे साल इस पल का इंतजार रहता है और वे भाव-विभोर होकर भगवान को विदा करते हैं।
आगे क्या होगा
विसर्जन के बाद अधिकारी घाटों की सफाई और नहरों में पाई गई सामग्री की व्यवस्था की निगरानी करेंगे। श्रद्धालु आगे भी स्थानीय नियमों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजनों में भाग लेने का आग्रह कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

