बिजनौर। बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों पर चालान लगाने की बजाय उन्हें हेलमेट पहनाकर सड़क पर भेजने का नया तरीका अपनाया जा रहा है। यह पहल एसपी केके बिश्नोई के निर्देश पर चलाए गए पांच दिवसीय अभियान के दौरान की गई।
यातायात पुलिस ने अभियान के चार दिनों में करीब 411 वाहन चालकों को रोककर मौके पर ही हेलमेट खरीदने के लिए प्रेरित किया और उन्हें हेलमेट पहनाकर ही आगे जाने दिया। पुलिस ने कहा कि एक हजार रुपये का चालान भरने की बजाय आठ सौ रुपये का हेलमेट खरीद लेना ज्यादा बेहतर है।
अभियान का तरीका और मकसद
पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों को रोककर उन्हें हेलमेट पहनने के फायदे समझाए और हेलमेट खरीदने के विकल्प सुझाए। यातायात प्रभारी रवि नैन ने बाइक सवारों को बताया कि यह चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि हादसे के दौरान सिर की चोट से बचाव के लिए जरूरी है।
एसपी केके बिश्नोई ने अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान करना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों में होने वाली जान की हानि को कम करना बताया। पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों से खुद हेलमेट पहनने और परिवार के सदस्यों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने की अपील की है।
अभियान के दौरान यात्रियों को हेलमेट उपलब्ध कराने के विकल्पों पर भी चर्चा की गई और कई जगह पर हेलमेट विक्रेताओं से समन्वय कराकर हेलमेट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। पुलिस का मानना है कि सही समय पर सही तरह का हेलमेट पहनने से गंभीर सिर संबंधी चोटों को रोका जा सकता है।
स्थानीय लोग मान रहे हैं कि चालान से बचाने के बजाय हेलमेट खरीदने की यह रणनीति व्यवहार में परिवर्तन लाने में मददगार साबित हो सकती है। आगे क्या कदम उठाए जाएंगे इस पर एसपी कार्यालय द्वारा निरंतर निगरानी और जरूरत के अनुसार अभियान में बदलाव किए जाने की संभावना है।
स्रोत: अमर उजाला

