बिजनौर। कोतवाली देहात की ग्राम पंचायत हाजी बूढ़ावाला में सरकारी मरम्मत के नाम पर नौ लाख 72 हजार रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि जिन अस्पतालों की मरम्मत का भुगतान दिखाया गया, उनमें से एक का यहां कोई अस्तित्व ही नहीं है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की पड़ताल और फिर बीडीओ की प्राथमिक जांच में यह गड़बड़ी सामने आई। शिकायतकर्ता राहुल ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी और बताया कि पंचायत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत पर 13 मई 2024 को 1.77 लाख रुपये खर्च दिखा दिए गए, जबकि ऐसे किसी अस्पताल का अस्तित्व नहीं है।
फर्जी बिलों की तारीखें और राशि
जांच में यह भी पता चला कि उप स्वास्थ्य केंद्र के मरम्मत और अन्य कार्य दिखाते हुए तीन अलग-अलग तारीखों में चार फर्जी बिल बनाए गए और उन पर कुल 7,95,000 रुपये भुगतान हुए। इनमें 22 सितंबर 2024 को इंटरलॉकिंग कार्य के लिए दो बिलों के आधार पर 4,95,000 रुपये और 14 जनवरी 2025 को इंटरलॉकिंग के नाम पर 1,25,000 रुपये पंचायत द्वारा दिए गए।
शिकायतकर्ता राहुल ने कहा कि उन्होंने यह मामला डीएम को जगमोहन सिंह, टिकेंद्र सिंह और विशाल कुमार के शपथ पत्रों के साथ भेजा है। उन्होंने ग्राम विकास एवं निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलिंग और सरकारी धन के गबन की जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की है। राहुल का कहना है कि उन्हें अभी तक जांच से संबंधित कोई सूचना नहीं दी गई।
कोतवाली देहात के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल दिवाकर ने कहा, “बूढ़ावाला में एएनएम सेंटर किराए पर संचालित है। इस भवन का स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन हजार रुपये मासिक किराया दिया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि जिस भवन का किराया दिया जा रहा है, वही एएनएम सेवा के लिए इस्तेमाल होता है और समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला अलग है।
अब जिलाधिकारी और संबंधित विभागों से अधिकारी जांच की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है। शिकायतकर्ता और ग्रामीण दोनों ही जिला स्तरीय जांच की प्रतिक्षा कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

