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फर्रुखाबाद: गैंगस्टर एक्ट में दंपती माया-रामकरन की जमानत खारिज

विशेष न्यायाधीश ने कहा अभियोजन कमजोर नहीं; माया और रामकरन 23 मई से जिला जेल फतेहगढ़ में बंद हैं, आरोपों में अपहरण व मानव-दुर्व्यापार शामिल।

फर्रुखाबाद: गैंगस्टर एक्ट में दंपती माया-रामकरन की जमानत खारिज
फोटो: अमर उजाला

फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अंकित कुमार मित्तल ने रामकरन और उसकी पत्नी माया की जमानत अर्जी खारिज कर दी। सुनवाई में अदालत ने अभियोजन के खिलाफ कलम उठाने के बावजूद जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार न होने का तर्क दिया।

अदालत ने यह फैसला महिलाओं के अपहरण और मानव दुर्व्यापार से जुड़े मामले में सुनाया। तत्कालीन थानाध्यक्ष ललित कुमार ने माया और रामकरन सहित आठ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

पुलिस की दावा‑लाख

पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरोह महिलाओं को झांसा देकर नशीला पदार्थ पिलाता था और फिर उन्हें बंधक बनाकर मानव दुर्व्यापार करता था। गिरोह के सदस्य मारपीट और जान से मारने की धमकियाँ भी देते थे।

बचाव पक्ष ने Ramकर्न और माया को निर्दोष बताया और बताया कि दोनों को गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों 23 मई से जिला जेल फतेहगढ़ में बंद हैं और जमानत मिलने पर वे न्याय प्रक्रिया में उपस्थित रहेंगे।

विशेष लोक अभियोजक ने अदालत के समक्ष दंपति को गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें व दस्तावेज़ ध्यान से देखे और कहा कि इस स्तर पर किसी भी तरह का भरोसा नहीं बनता कि अभियुक्त दोषी नहीं हैं या जमानत पर रहते हुए अपराध नहीं करेंगे।

क्या होगा आगे

अदालत ने माया और रामकरन की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। अब दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। पीड़ितों की पहचान तथा गिरोह की और जांच पुलिस आगे कर रही है।

स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार मामले की सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं। जो लोग प्राथमिकी से जुड़ी जानकारी या सहायता चाहते हैं वे संबंधित थाना में संपर्क कर सकते हैं।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।