फर्रुखाबाद। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहार में 12 वर्ष बीत जाने के बावजूद स्कूल तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है। विभागीय कागजों में बिजली चलने के बावजूद वास्तविकता कुछ और है और विद्यालय पर आए बिलों की संख्या व राशियाँ बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।
सीएंडडीएस ने 15,559 रुपये सात अप्रैल 2015 को बिजली विभाग में चेक के माध्यम से जमा कर दिए थे, फिर भी पोल से विद्यालय तक केबल लगाकर बिजली चालू नहीं की गई। शिक्षा विभाग को भी जानकारी नहीं थी कि उनके विद्यालय में कनेक्शन हो चुका है।
24 अक्तूबर 2016 को डीआईओएस ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण को कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनाने को पत्र लिखा। दिसंबर 2016 में 41,529 रुपये का बिल भेजा गया। अधिशासी अभियंता ग्रामीण ने 66,191 रुपये का एस्टीमेट बनाकर डीआईओएस को भेजा और आठ दिसंबर 2016 को 41,529 रुपये का बिल वापस भेज दिया गया। बाद में बिल संशोधित कर 5,88,512 रुपये कर दिया गया और फिर 22 अक्तूबर 2022 को बिल 5,88,512 रुपये ही दर्ज दिखा। बाद में विभाग ने बिल घटाकर 1,60,491 रुपये कर दिया और कहा कि सिर्फ मिनिमम चार्ज लिया जा रहा है।
प्रशासनिक जवाब और जांच
अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार ने कहा, “यह जांच का विषय है कि बिजली वहां चालू हुई या नहीं। फिलहाल यह मामला संज्ञान में नहीं आया है। अब पता चला है, तो जांच कराएंगे।”
एसडीओ अरुण कुमार गुप्ता ने कहा, “उपखंड में एक वर्ष से तैनात हैं। इस मामले की कोई भी जानकारी नहीं है फिर भी जेई से जानकारी करेंगे।” वहीं जेई शशिकांत ने बताया, “एक वर्ष पूर्व मामले की जांच कराई गई थी तब उन्होंने जांच कर आख्या उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। अब वहां कनेक्शन की क्या स्थिति है इसकी जानकारी नहीं है।”
विद्यालय की स्थिति और असर
विद्यालय में कक्षा 9 और 10 की पढ़ाई चलती है। कुल 106 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें कक्षा 9 के 49 और कक्षा 10 के 57 बच्चे हैं।
- आईसीटी लैब में 11 कंप्यूटर और दो स्मार्ट बोर्ड लगे हैं, पर वे ढके हुए हैं और काम नहीं कर रहे।
- चार कक्षाएं हैं, हर कक्षा में चार-चार पंखे लगे हैं।
- पानी के लिए सबमर्सिबल पंप हैं और शौचालय की छत पर टंकी रखी है।
प्राथानिकता न मिलने से कंप्यूटरों और आरओ का लाभ नहीं मिल पा रहा। स्कूल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर एलटी लाइन का पोल खड़ा है, फिर भी केबल नहीं पहुंचाई गई। अध्यापक गर्मी में पेड़ के नीचे क्लास लगाने को मजबूर हैं। आगे स्कूल ने कनेक्शन के लिए पत्राचार और रजिस्टर्ड डाक से बिल वापस भेजते रहने का काम जारी रखा है और प्रशासन से त्वरित जांच की उम्मीद जताई जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

