फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश रितिका त्यागी ने किशोरी के अपहरण के मामले में अंकित को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया है और सजा के लिए सुनवाई सात अक्तूबर को तय की है।
अदालत का फैसला
सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपी ने किशोरी को अपने साथ ले जाने का भीषण आरोप सिद्ध हुआ है। वहीं दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अलग-अलग आरोपों में अदालत ने अंकित को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तथ्यों को परखने के बाद यह फैसला सुनाया।
अदालत का आदेश सुनाने के बाद पुलिस ने अंकित को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि सजा की सुनवाई अगले प्रयास में की जाएगी और उस दिन दलीलों पर फैसला होगा। मामले में अब दंडात्मक धाराओं पर बहस शेष बची है।
मामले का विवरण और पृष्ठभूमि
यह मामला कायमगंज थाना क्षेत्र का है। प्राथमिकी 13 जून 2021 को उसी थाना में दर्ज की गई थी। FIR में बताया गया था कि नौ जून को दोपहर करीब 12 बजे गांव तुर्क ललैया निवासी अंकित ने उसकी नाबालिग पुत्री को अपने साथ ले गया था। किशोरी के भाई ने acusative घटना होते देखा था।
घटना के अगले दिन जब पोस्टित परिवार आरोपी के घर पहुंचकर बेटी के बारे में जानकारी मांगी तो आरोपी के परिजन और कुछ अन्य लोग गाली‑गलौज करने लगे और बेटी वापस न करने की बात की। इसके बाद परिवार ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने विवेचना शुरू की।
पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद अंकित को अपहरण का दोषी पाया। अब अगले सुनवाई में सजा के निर्धारण पर बहस होगी और अदालत अपना तंत्रिक निर्णय सुनाएगी।
परिवार और आसपास के लोग अदालत के फैसले को लेकर संतुष्ट दिखाई दिए और अब वे सजा की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

