फर्रुखाबाद। अपर सत्र न्यायालय संख्या-9 ने रास्ते पर गंदगी डालने के विवाद में एक बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने के मामले में भाई, उसकी पत्नी और उनके दो पुत्रों को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
यह घटना कायमगंज थाना क्षेत्र के टिलिया सलेमपुर हमीरपुर खास गांव में घटित हुई थी। शिकायत में देव सिंह ने बताया कि 11 नवंबर 2023 की शाम करीब साढ़े चार बजे उनकी पत्नी शियादेवी का चाची पुष्पा से रास्ते पर गंदगी डालने को लेकर विवाद हो गया था।
झगड़ा बढ़ा और मारपीट हुई
इन विवाद के बाद चाचा श्रीकृष्ण, चचेरे भाई मोहनलाल और शिवकुमार भी घटनास्थल पर पहुंच गए। इन चारों ने शियावती के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। इससे बचाने पहुंचे देव सिंह के पिता रामकिशन पर भी हमला कर दिया गया। आरोप है कि रामकिशन को लाठी-डंडों और टकोरा से मारा गया, जिससे वे घायल हो गए।
घायलों को कायमगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से रामकिशन को लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल भेजने की तैयारी के दौरान रामकिशन की मौत हो गई।
अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने मामले की विस्तार से सुनवाई की। अदालत ने श्रीकृष्ण, पुष्पा, मोहनलाल और शिवकुमार को दोषी करार दिया। श्रीकृष्ण पहले से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद था।
पुष्पा, मोहनलाल और शिवकुमार विचारण के दौरान जमानत पर थे। दोषनिर्णय के बाद इन्हें भी न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया और उनके व्यक्तिगत बंधपत्र खंडित कर दिये गये। जमानतदारों को दायित्व से मुक्त कर दिया गया है।
अब छह अक्तूबर को सजा की सुनवाई होगी। मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर आगे की कार्रवाई अदालत में ही तय होगी।
स्रोत: अमर उजाला

