अमृतपुर। गंगा की कटान की चपेट में आने से नगला दुर्ग गांव में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र समेत छह मकान ढह गए। मामला 24 सितंबर का है और निरीक्षण के बाद नुकसान की पुष्टि की गई है।
निरीक्षण और नुकसान
एसडीएम श्वेता साहू ने गांव जाकर मौके का जायजा लिया। उन्होंने कानूनगो अतुल कुमार व लेखपाल सुबोध गुप्ता के साथ निरीक्षण किया। जांच में चार पक्के व दो कच्चे मकान तथा एक निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा में तेज बहाव की वजह से कटान लगातार हो रहा है और कई घरों की जमीन धीरे-धीरे कट रही है। स्थानीय लोगों ने इस नुकसान की सूचना उच्च अधिकारियों को दी थी।
लेखपाल की लापरवाही पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लेखपाल सुबोध गुप्ता ने कटान होने की सूचना तहसील में नहीं दी थी। एसडीएम ने कहा, “लेखपाल ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती है।”
एसडीएम श्वेता साहू ने स्पष्ट किया कि लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वर्तमान में प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत उपलब्ध कराने और कटान से और नुकसान रोकने के उपायों पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
गांववासियों का कहना है कि अगर नदी किनारे सुरक्षा एवं बचाव के ठोस कदम नहीं उठाए गए तो और घर संभावित खतरे में हैं। प्रशासन ने फिलहाल स्थिति पर नजर रखी है और आगे की रिपोर्टिंग के लिए टीमों को तैनात किया गया है।
स्रोत: अमर उजाला

