शमसाबाद। थाना क्षेत्र के समैचीपुर गांव में शुक्रवार को गंगा नदी की तेज कटान के कारण पांच मकान नदी में समा गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण ढूंढने लगे।
घटनास्थल पर जिन परिवारों के मकान गिरे उनमें अमरूल हसन, अंसार, फरमान अली, अख्तर नवाज और लालू शामिल हैं। गांव के अन्य मकान भी कटान की जद में आ चुके हैं और कई परिवार अपने घरेलू सामान को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने में लगे हुए हैं।
कटान की तीव्रता और क्षेत्रीय स्थिति
समैचीपुर के पास चौरा के निकट शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर भी बाढ़ का पानी तेज़ी से बह रहा है। बावजूद इसके कुछ वाहन चालक उस मार्ग से गुजरने के लिए मजबूर हो रहे हैं और जान जोखिम में डाल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से गंगा की कटान में वृद्धि हुई है।
गाँव के सिजवान ने कहा, “गंगा लगातार कटान कर रही है।” उन्होंने बताया कि पहले भी कई मकान कटान की चपेट में आ चुके हैं और लोग चिंतित हैं कि यदि स्थिति न रुकी तो और मकान भी नदी की धारा में समा सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि और नुकसान रोका जा सके। कई परिवारों ने अपना कीमती सामान और घरेलू वस्तुएं ऊंची जगहों पर स्थानांतरित कर दी हैं।
कायमगंज तहसीलदार अरविंद कुमार ने समैचीपुर में मकानों के कटान की जानकारी मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की सूची अभी तैयार नहीं हुई है और सूची बनने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
स्रोत: अमर उजाला

