कमालगंज। गणपति की विसर्जन यात्रा के चलते कमालगंज में डेढ़ किलोमीटर के इलाके में सुरक्षा और व्यवस्थापन के लिए 45 अलग-अलग स्थान बनाए गए। इन स्थानों पर कुल 275 पुलिस अधिकारी, दरोगा, कांस्टेबल और महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
एसडीएम सदर और दो नायब तहसीलदार के साथ राजस्व व अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों ने छतों से भी निगरानी रखी और दूरबीन का इस्तेमाल किया। सुरक्षा के तौर पर ड्रोन भी उड़ाए गए ताकि भीड़ पर नजर बनी रहे।
बाजार बंद और भीड़ प्रबंधन
विसर्जन में शामिल होने के कारण कानपुर-फतेहगढ़ व जहानगंज मार्ग का पूरा बाजार बंद रहा। व्यापारियों, कारीगरों और दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों ने छुट्टी रखी ताकि वे विदाई यात्रा में शामिल हो सकें। वहीं यात्रा में युवाओं में पीला गमछा व काले चश्मे का क्रेज नजर आया और सिर के लिए पगड़ी व गले के लिए पटका भी खूब बिके।
जुलूस के दौरान संगीत व रंग-गुलाल की बिक्री भी होती रही और श्रद्धालु सेल्फी लेने में भी व्यस्त रहे। भीड़ के बीच तीन एंबुलेंस, जो फतेहगढ़ की ओर से मरीजों को लेकर कानपुर जा रही थीं, पांच मिनट के अंतराल पर भीड़ में फंस गईं। इससे पहले कुछ अन्य एंबुलेंस भी फंसीं।
गणपति सेवकों ने हूटर और सायरन की आवाज सुनते ही व्यवस्था बनाकर इन एंबुलेंसों को भीड़ से निकालने में मदद की। यात्रा में किशोर-किशोरी, युवक-युवतियां और बच्चे हर आयु वर्ग के लोग शामिल थे।
भंडारे और प्रसाद वितरण
गुरुवार की रात से भंडारे की तैयारी शुरू रही और सुबह 50 से अधिक स्थानों पर मां अन्नपूर्णा की कृपा बरसी। कचौड़ी-सब्जी, खीर, छोला-चावल, कढ़ी-चावल, हलवा, बूंदी सहित केला, कोल्डड्रिंक, पानी की बोतल व पाउच, मैकरोनी, आलू भल्ला व पास्ता भी भक्तों ने वितरित किए।
आयोजकों और प्रशासन ने मिली-जुली व्यवस्था के जरिए भीड़ और आपात स्थिति को नियंत्रित रखने पर जोर दिया। अगले चरण में उपयोगी मार्गों पर यातायात नियंत्रण और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की और तैयारी रखी जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

