फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के चिलसरा रोड स्थित ढुइया में खुले नाले की तेज धार में बहकर चार वर्षीय मासूम रेवांश की मौत हो गई। परिवार ने शनिवार दोपहर बाद उसके न मिलने पर पहले अपहरण की आशंका जताई थी।
तालाश में 17 घंटे लगा समय
ढुइया निवासी आकाश शाक्य का इकलौता पुत्र रेवांश (4) शनिवार करीब सवा तीन बजे तेज बारिश के दौरान पिता के साथ चाय पीने के बाद लघुशंका के लिए घर के बाहर निकला था। बताया गया कि पैर फिसलने पर वह खुले नाले में गिर गया और पानी की धार उसे बहाकर सड़क पार होते हुए खेत तक ले गई।
एनडीआरएफ, पुलिस, राजस्व व नगर पालिका की टीमें देर रात तक और रविवार सुबह भी नाले के किनारे रामपुर ढपरपुर वन क्षेत्र तक खोजबीन करती रहीं। रविवार सुबह घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर सड़क के दूसरी ओर गोभी के खेत में खेतिहर काम कर रहे कुछ लोग बच्चे को पड़े हुए पाए।
स्थानीयों की सूचना पर एनडीआरएफ ने बच्चे को नाले से बाहर निकाला। उसे लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसडीएम सदर संजय कुमार और सीओ के साथ थानाध्यक्ष अजब सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच में शामिल रहे।
स्थानीय लोग कहते हैं कि नाले के किनारे जहां यह हादसा हुआ वहां सुरक्षा दीवार और पटिया नहीं है। वे मानते हैं कि यदि नाले पर सुरक्षा इंतजाम होते तो यह त्रासदी टल सकती थी। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माँ कोमल व अन्य परिजन हादसे से टूट गए हैं।
परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। दोपहर बाद पांचाल घाट पर रेवांश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्थानीय अधिकारियों ने मामले की औपचारिक जांच और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्रोत: अमर उजाला

