अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है और नदी अब 137.45 मीटर पर बह रही है। इससे अमृतपुर क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया है और लोग अपने घरों में कैद हैं।
खो हरेली रामनगर बैराज से 4,886 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अमैयापुर पुलिया पर करीब ढाई फीट से अधिक पानी तेज गति से बह रहा है। तेज बहाव के कारण अमैयापुर के लाखन (60) साइकिल सहित बहते-बहते ग्रामीणों ने कूद कर बचाया।
प्रभावित इलाकों में स्थिति
बाढ़ से गुलरिया भावन, पुत्तू वाला गुड़ेरा, नीचे वाला चपरा, वजीरपुर, नौअनपुरवा, कड़हर, बांकेपुरवा, कुंवरपुरा, नवादा और भुढ़िया जैसे लगभग 10 गांव सीधे प्रभावित हुए हैं। चिड़िया महोलिया, अलादपुर भटौली, रेगापुर, खरगपुर, राई सीढ़ेचकरपुर, नौसारा नाहरैया, बेचेपट्टी, सिकंदरपुर सहित करीब 50 गांवों के पास तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
अंबरपुर, बरुआ, बामियारी, कुड़री सारंगपुर, मंझा, करनपुर घाट, माखन नगला, कुसुमापुर, जगतपुर, हरिहरपुर, रामपुर, जोगराजपुर, तिसराम की मड़ैया, उदयपुर, कंचनपुर, सबलपुर और आशा की मड़ैया समेत करीब 30 से अधिक गांवों में पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि खेतों में पानी भरने से फसल डूब गई है और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित है।
रास्तों पर पानी भरने से आवागमन बाधित है। जरूरी सामान लेने, अस्पताल जाने और दवा लेने के लिए ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों का स्कूल जाना भी असम्भव हो गया है और कई स्थानों पर स्कूलों में पानी भरा होने के कारण पढ़ाई लगभग दो माह से प्रभावित है। शाम को गंगा का जलस्तर पाँच सेंटीमीटर घटकर 136.95 मीटर पर आ गया, पर हालात अभी ठीक नहीं हैं।
सरकारी कदम और आगे क्या होगा
एसडीएम श्वेता साहू ने पांचाल घाट से मोटर बोट पर सवार होकर सुंदरपुर, नगला दुर्गू समेत करीब छह गांवों का जायजा लिया। जहां नाव की जरूरत मिली, वहां नाव व मोटरबोट भेजे गए हैं। लेखपाल बाढ़ क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक सहायता मुहैया कराई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अलर्ट रहने और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों से संपर्क करने का कहा है। बाढ़ की स्थितियों पर आगे भी नजर रखी जा रही है और जैसे ही हालात बदलेंगे वहां त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

