फर्रुखाबाद। शमसाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआंखेड़ा वजीर आलम खां में 15 लाख 93 हजार 41 रुपये के गबन की पुष्टि के बाद सचिव को निलंबित कर दिया गया है। मामला 30 नवंबर 2023 के जिलाधिकारी के आदेशों के बाद उभरा जब आधी धनराशि जमा नहीं कराई गई।
जिलाधिकारी ने गबन की धनराशि का आधा हिस्सा प्रधान अर्चना देवी से 796520 रुपये भू-राजस्व की भांति वसूलने के आदेश दिए थे। जबकि आधी धनराशि ग्राम विकास अधिकारी सचिव मोहित यादव को 7 लाख 96 हजार 520 रुपये जमा करने के आदेश दिए गए थे। आदेश के बावजूद सचिव ने रकम जमा नहीं कराई।
अनुशासनात्मक कार्रवाई
मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने डीपीआरओ को सचिव से धनराशि जमा कराकर अवगत कराने को कहा। डीपीआरओ ने सचिव को नोटिस दिया, लेकिन धनराशि जमा नहीं हुई। इसके बाद जिलाधिकारी ने सचिव को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
डीपीआरओ अविनाश चौरसिया ने सचिव के निलंबन की संस्तुति जिला विकास अधिकारी को भेजी थी। जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी ने बताया कि सचिव मोहित यादव को निलंबित कर अपने कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उन्होंने पीडी कपिल कुमार को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में आरोपपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
सूचना के मुताबिक सचिव मोहित यादव इन दिनों ब्लॉक राजेपुर क्षेत्र में तैनात थे। निलंबन के बाद अब विभागीय जांच पूरी होने पर आगे की कार्यवाही होगी और यदि आवश्यक पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाया जाएगा।
गांव के विकास कार्यों और पंचायत की पैसा-राशि से जुड़ी यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के लिए अहम है। प्रभावित ग्रामवासियों ने कहा कि गबन की रकम वसूली और पारदर्शिता जरूरी है ताकि भविष्य में विकास कार्यों में बाधा न आए।
पड़ताल पूरी होने के बाद जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई की रिपोर्ट जनता को उपलब्ध कराएगा।
स्रोत: अमर उजाला

