गाज़ियाबाद। नगर निगम की दोहरी नीतियों और किराया प्रणाली के विरोध में रामानुज दयाल मार्केट के बी और सी ब्लॉक के व्यापारियों का आंदोलन 10वें दिन भी जारी रहा। 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर व्यापारियों ने गांधीवादी रास्ते पर चलते हुए सत्याग्रह जैसा प्रदर्शन किया।
व्यापारियों ने मौन उपवास रखा और काली पट्टियां बांधकर अपना विरोध जताया। उनकी मुख्य मांग है कि नगर निगम मार्केट में लागू किराया प्रणाली को हटाकर संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) लागू करे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक ही मार्केट के भीतर दो अलग-अलग नियम थोपे जा रहे हैं, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
धरना, मार्च और समर्थन
धरना स्थल पर कांग्रेस प्रत्याशी सुशांत गोयल और कांग्रेस जिलाध्यक्ष पहुंचे और व्यापारियों की मांगेें स्पष्ट रूप से समर्थन किया। इसके बाद सभी व्यापारियों ने धरना स्थल से मिलकर पैदल मार्च निकाला और घंटाघर स्थित भगत सिंह की मूर्ति तक पहुंचे। वहां से वापस आकर वे फिर धरना स्थल पर लौटे और आज का प्रदर्शन समाप्त किया।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद प्रमुख व्यापारियों में महेश मित्तल, अजय गर्ग, हार्दिक गर्ग, अरविंद गौतम, प्रदीप शर्मा, भारत बजाज, जयप्रकाश, देवेंद्र गुप्ता, चौधरी साहब, बिट्टू भाई, अनिल जैन, पंकज जैन और अमित कुमार का नाम बताया गया।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों में उनकी सुनवाई नहीं हुई और कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। उन्होंने नगर निगम से जल्द वार्ता और स्पष्ट निर्णय की मांग रखी है।
स्थानीय दुकानदार और ग्राहकों ने प्रदर्शन पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी। कुछ ने व्यापारियों का समर्थन किया और कहा कि नियमों में समानता होनी चाहिए, जबकि कुछ का कहना था कि मामला जल्दी सुलझाया जाना चाहिए ताकि खरीद‑फरोख्त प्रभावित न हो।
आगे क्या होगा, यह नगर निगम की ओर से बैठक या वार्ता के बाद स्पष्ट होगा। व्यापारियों ने कहा है कि वे वार्ता और समाधान के इंतजार में हैं, और यदि आवश्यक हुआ तो अपना आंदोलन तेज कर देंगे।
स्रोत: अमर उजाला

