ब्रेकिंग

गाज़ियपुर: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेज में MRI, OT, CT स्कैन का लोकार्पण

लोकार्पण के साथ 200 व 300 शय्या अस्पतालों के लिए ईटीपी को 2.94 करोड़ और 100 शय्या अस्पताल के लिए 1.49 करोड़ की मंजूरी मिली।

गाज़ियपुर: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेज में MRI, OT, CT स्कैन का लोकार्पण
फोटो: अमर उजाला

गाज़ियपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में शनिवार को स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का काम आगे बढ़ा। दोपहर 3.34 बजे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कॉलेज पहुंचे और कई नई सुविधाओं का उद्घाटन किया।

सबसे पहले उन्होंने एमआरआई, ओटी, सीटी स्कैन और अमृत फार्मेसी का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज से संबद्ध 200 और 300 शय्या वाले अस्पतालों के लिए और 100 शय्या वाले अस्पताल के लिए भी योजनाओं पर मंजूरी दी।

मंजूरी और संसाधन

प्राचार्य प्रो. आनंद मिश्रा ने बताया कि 300 और 200 शय्या वाले अस्पतालों में इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाने के लिए 2.94 करोड़ रुपये और 100 शय्या वाले अस्पताल के लिए 1.49 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। उपमुख्यमंत्री ने अस्पतालों को जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग, मुख्य परिसर में कवर्ड कॉरिडोर और प्रशासनिक ब्लॉक में अतिरिक्त कक्ष देने की भी घोषणा की।

ब्रजेश पाठक ने लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर को लेवल-2 के रूप में संचालित करने की सौगात दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में भर्ती और सेवाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए और प्राचार्य को हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

उपमुख्यमंत्री ने आईसीयू के प्रभारी डॉ. विनीत मिश्रा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान उन्होंने अस्पताल की ओपीडी का जायजा लिया और कहा, “प्रदेश में बने अन्य मेडिकल कॉलेज बेहतर काम कर रहा है।”

स्थानीय प्रभाव और आगे की कार्रवाई

नयी मशीनों और सुविधाओं से मरीजों को शहर से बाहर न जाकर इलाज मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। कॉलेज प्रशासन अब हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती और ईटीपी के काम की जल्द शुरुआत की रूपरेखा बनायेगा।

स्रोत: अमर उजाला

अगली खबरगाज़ियपुर: दहेज नहीं मिलने पर विवाहिता ने छह पर FIR दर्ज कराई, पिता को बंधक बनाने का आरोपगाज़ियपुर: दहेज नहीं मिलने पर विवाहिता ने छह पर FIR दर्ज कराई, पिता को बंधक बनाने का आरोप
Alok Kumar

Alok Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।