मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को रोजगारपरक और कौशल आधारित शिक्षा देने के लिए नए पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी चल रही है। इस दिशा में कुलपति प्रो. आरके सिंह की अध्यक्षता में चर्चा और अधिकारियों से प्रस्ताव मंगवाए जा रहे हैं।
कुलपति ने संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों से नए पाठ्यक्रम, स्मार्ट क्लास, कौशल प्रशिक्षण और खेलकूद गतिविधियों के संचालन के लिए प्रस्ताव 30 तक माँगे हैं। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम तैयार करते समय विद्यार्थियों की संभावित मांग, रोजगार की संभावनाएँ और समाज की जरूरतों को ध्यान में रखा जाए।
पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति
प्रो. आरके सिंह ने बताया कि पाठ्यक्रमों को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन किया जाएगा ताकि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार हों। कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक और संवादपरक बनाने पर भी जोर दिया गया।
कुलपति ने कहा कि शिक्षक कक्षा की शुरुआत सीधे औपचारिक चर्चा से करने के बजाय घटनाओं, उदाहरणों, प्रश्नों और समसामयिक संदर्भों के माध्यम से विद्यार्थियों की रुचि जगाएँ। स्मार्ट क्लासरूम में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का शिक्षण में बेहतर उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी कहा गया कि परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार आवश्यक है। उन्होंने सफाई कर्मियों समेत सभी कर्मचारियों के साथ आत्मीयता से व्यवहार करने और परिसर को स्वच्छ एवं बेहतर बनाए रखने में विभागों से सहयोग की अपेक्षा जताई।
बैठक में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, प्रो. सौरभ पाल और प्रो. विनोद गुप्ता समेत सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। विभागाध्यक्ष अपने-अपने प्रस्ताव समय पर जमा कराएँगे ताकि नए पाठ्यक्रम शीघ्र लागू किए जा सकें।
स्रोत: अमर उजाला

