हरदोई। रोडवेज बस डिपो में महिला परिचालकों के आराम और सुरक्षा के लिए बनाए गए विश्रामगृह का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के दौरान कमरे को तात्कालिक रूप से चादर और तकिये लगाकर सजाया गया था।
परियोजना के सुंदरीकरण पर विभाग ने लगभग 1.70 लाख रुपये खर्च किए हैं। हालांकि उद्घाटन के अगले ही दिन बनी खराब स्थिति ने सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर दिए।
बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी
विश्रामगृह के भीतर कई अव्यवस्थाएँ सामने आईं। बाथरूम में बिजली की व्यवस्था नहीं थी जबकि कमरे तक बिजली की फिटिंग छोड़ दी गई थी। सीमेंटेड चादर और दीवार के बीच जगह बनी हुई है और कक्ष का मुख्य गेट भी पुराना व टूटा हुआ है।
दीवारों पर भारी सीलन और नमी साफ दिखी। कई जगह दीवारें भीगी हुई थीं। रखा गया तख्त भी पुराना और जर्जर हालत में मिला, जिससे महिला परिचालकों की निजता और स्वास्थ्य को खतरा है।
बाहर लगे बिजली के बोर्ड में तार खुले हुए हैं और उन्हें सुरक्षित तरीके से कवर नहीं किया गया है। खुले तार किसी भी समय हादसे की वजह बन सकते हैं और ऐसे में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का प्रश्न गंभीर हो जाता है।
क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बजट के हिसाब से काम कराया गया है। आगे जो बजट मिलेगा उसमें अधूरे कामों को करवाया जाएगा। पहले महिला परिचालकों के लिए जो व्यवस्था थी वह तो इससे भी खराब थी। बिजली की फिटिंग का काम अभी बाकी है। इसे भी जल्द दुरुस्त कराएंगे।”, गौरव वर्मा, आरएम, रोडवेज
आगे क्या होगा
स्थानीय परिचालक और कर्मचारी कह रहे हैं कि सुधार न हुए तो विश्रामगृह उपयोग में नहीं लिया जाएगा। विभाग ने अधूरे काम जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है, लेकिन जिस ताबड़तोड़ सुंदरीकरण का उद्घाटन किया गया, उसे पूरा दिखाने के लिए वास्तविक मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है।
परिचालक और महिला कर्मचारी अब विभाग से बाथरूम में बिजली जोड़ने, तख्त बदलने और दीवारों की मरम्मत की मांग कर रहे हैं ताकि यह जगह सचमुच आराम और सुरक्षा दे सके।
स्रोत: अमर उजाला

