हाथरस। लाखनू गाँव में शुक्रवार शाम नहर में नहाने गए 17 वर्षीय विकास की तलाश सात घंटे तक चली। रात करीब एक बजे एसडीआरएफ के गोताखोरों ने पुलिया के नीचे फंसा शव ढूंढ निकाला।
परिवार के मुताबिक विकास अपने गाँव के लोगों के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जित करने गया था। शाम छह बजे चार किशोर नहर में नहाने उतरे थे। तीन को लोग बचा गए, लेकिन विकास का कुछ पता नहीं चला।
खोज और शव की बरामदगी
घंटों तक खोजबीन के बाद पुलिस ने मथुरा के महावन से एसडीआरएफ के गोताखोर बुलाए। दो तैराकों ने कई मशक्कत के बाद रात लगभग एक बजे घटना स्थल से करीब 600 मीटर आगे पुलिया के नीचे शव खोज लिया। जब शव बाहर निकला तो पिता धर्मेंद्र बदहवास हो गए और पिता ने कहा, “मैं घर पर होता तो किसी भी कीमत पर विकास को नहर पर नहीं जाने देता”। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम के बाद दोपहर एक बजे विकास का शव गाँव पहुंचा। माँ और बड़े भाई दीपक पहुंचते ही परेशान हो गए। परिवार और पड़ोस में कोहराम मचा हुआ है। शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कराया गया।
पुलिया के पास गड्ढों का आरोप
गाँव अफोया के रहने वाले जिला पंचायत सदस्य शैलू पहलवान ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले पुलिया की मरम्मत का काम हुआ था। उन्होंने कहा कि जेसीबी ने नहर में से मिट्टी निकालकर पुलिया पर डाली थी। तभी से वहाँ गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
शैलू का कहना है कि नहर में उतरने पर किशोरों को गहराई का अंदाजा नहीं लगा और पानी का बहाव भी तेज था, जिससे विकास डूब गया। स्थानीय लोग अब प्रशासन से सतर्कता और सुरक्षित बंदोबस्त की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
स्रोत: अमर उजाला

