हाथरस। मौसम बदलने और वायरल बीमारियों के फैलने के बीच फेफड़ों की पुरानी बीमारी से जूझ रहे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। खासतौर पर क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज (सीओपीडी) से पीड़ित लोग मुशकिल सांस और लगातार खांसी के साथ प्रकट हो रहे हैं।
हाथरस जिला अस्पताल ओपीडी में आ रहे मरीजों में तेज खांसी, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें बढ़ी हैं। अस्पताल में दिख रहे केसों में यही लक्षण आम तौर पर नोट किए जा रहे हैं।
मरीजों पर असर
सीओपीडी एक पुरानी फेफड़ों की समस्या है और वायरल संक्रमण के साथ इसके लक्षण और तीव्र हो जाते हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़ी दिखाई दे रही है। कई मरीजों ने बताया कि हाल में मौसम में बदलाव के बाद उनकी स्थिति बिगड़ी है।
हाथरस जिले के सामान्य नागरिकों में भी सतर्कता की भावना बढ़ी है। जिनके फेफड़ों से जुड़ी बीमारियाँ हैं वे मास्क और साफ-सफाई पर अधिक ध्यान दे रहे हैं और समय-समय पर अस्पताल आने लगे हैं।
हाथरस जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीजों को लेकर सजगता बरतने की बात की है और ओपीडी में उपचार कर रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मामलों की मॉनिटरिंग जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है।
स्थानीय लोग मौसम बदलाव के दौरान खुद की और परिवार की सेहत पर ध्यान दें और लक्षण तेज हों तो डॉक्टर से संपर्क करें। हातहरस के अस्पतालों में जिन मरीजों को सांस लेने में अधिक दिक्कत है, उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए पहले से आकर दिखाने की सलाह दी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

