हाथरस। यूपी बोर्ड परीक्षा‑2027 के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया के बीच जिले के विद्यार्थियों की अपार आईडी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बोर्ड मुख्यालय के निर्देश के बाद सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को यह आदेश जारी किए हैं।
जिले के राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ तथा 11वीं के अग्रिम पंजीकरण के साथ ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा‑2027 के फॉर्म भरे जा रहे हैं। इनमें अब हर आवेदक का अपार आईडी नंबर भरना अनिवार्य है और विद्यालयों से कहा गया है कि वे समय सीमा के भीतर यह कार्य पूरा कराएं।
अपार आईडी का लाभ और सुरक्षा
अपार आईडी लागू होने से छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। बोर्ड ने यह व्यवस्था इसलिए लागू की है ताकि विद्यार्थी के अंकपत्र और प्रमाणपत्र सीधे उनके डिजि‑लॉकर खाते से लिंक हो सकें।
इस व्यवस्था का सीधा लाभ यह होगा कि मूल दस्तावेज खोने, फटने या खराब होने के जोखिम से बचेंगे। भविष्य में उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए सत्यापन के दौरान छात्र अपनी आवश्यक डिजिटल प्रतियाँ एक क्लिक पर उपलब्ध करा सकेंगे। अपार आईडी विद्यार्थी की प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी।
प्रभारी डीआईओएस नीरज गोयल ने बताया कि परिषद के निर्देशानुसार जिले के सभी विद्यालयों को अपने यहां नामांकित छात्र‑छात्राओं की शत‑प्रतिशत अपार आईडी तैयार कराने के आदेश दिए गए हैं। विद्यालय प्रमुखों को कहा गया है कि वे छात्र‑छात्राओं के पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित कराएं और सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड करवाएं।
अगले कदम
विद्यालयों को बताया गया है कि अपार आईडी न बनने पर बोर्ड फॉर्म पूर्ण नहीं माने जाएंगे, इसलिए प्रधानाचार्य समय रहते सभी डेटा की पुष्टि कराएं। अभिभावक और विद्यार्थी अपने विद्यालय से संपर्क कर अपने अपार आईडी और डिजि‑लॉकर से जुड़ाव की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं। बोर्ड व जिला प्रशासन आने वाले दिनों में कड़े निर्देशों के साथ फॉर्म भरने की अंतिम तिथियों की याद दिलाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

