कालपी। कोतवाली क्षेत्र के उसरगांव स्थित देवपुरा माता मंदिर में चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस और स्वॉट/सर्विलांस टीम ने शुक्रवार की चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में दबोच लिया। मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मंदिर से चुराए गए 26 छोटे-बड़े पीतल के घंटे और दानपात्र से निकले 11,995 रुपये नगद बरामद किए। साथ ही अवैध तमंचा-कारतूस, ताला तोड़ने के औजार जैसे सब्बल, कटर, प्लास और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी जब्त की गई।
घटना का पता और गिरफ्तारी
मंदिर से चोरी की वारदात 16 सितंबर की रात हुई थी, जब चोरों ने घंटे व दानपात्र से करीब 35,000 रुपये और अन्य सामान लेकर के भागे थे। पुजारी के साथ मारपीट कर उसे कमरे में बंद कर दिया गया था। इस पर पुजारी अनुराग तिवारी की तहरीर पर कालपी कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
मामले के खुलासे के लिए क्षेत्राधिकारी कालपी के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें गठित की गईं। शुक्रवार को टीम ने चेकिंग के दौरान बदमाशों से मुठभेड़ की और तीनों को दबोचा। मुठभेड़ में घायल हुए आरोपी की पहचान कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र के गौड़ गांव निवासी संदीप उर्फ नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने बाकी दो आरोपियों को बलराम और थाना बरौर के अंडवा गांव निवासी लाला उर्फ लालचंद के रूप में गिरफ्तार किया। सूचना पर एएसपी डॉ. ईशान सोनी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने देवपुरा माता मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया और बताया कि वे औजार लेकर चलते थे।
पुलिस के मुताबिक संदीप उर्फ नरेंद्र के खिलाफ कानपुर देहात के बरौर और मूसानगर थानों में चोरी व चोरी का माल रखने से जुड़े दो पहले से मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है। अन्य दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस आगे की छानबीन कर रही है तथा बरामद सामान और आरोपियों के संबंधों की जांच जारी है। इलाके में संदिग्ध आवाजाही देखकर लोग सतर्क रहें और किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी थाने को सूचित करें।
स्रोत: अमर उजाला

