जालौन। शनिवार को कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासन के मजरा अलमोरी डेरा में कीचड़ के कारण एक ईंट लदा ट्रैक्टर फंस गया और रास्ता तीन घंटे तक जाम रहा। ट्रैक्टर तिरछा खड़ा होने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
घटना के कारण करीब तीन घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जाम के समय अलमोरी डेरा निवासी रामश्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ता बंद होने से उन्हें और अन्य लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
जाम और बचाव
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश से कच्चे रास्ते पर कीचड़ जमा हो गया था और ट्रैक्टर वहीं फंस गया। ग्रामीणों ने बाद में दूसरे ट्रैक्टर बुलाया। पहले फंसे ट्रैक्टर से ईंटें उतारवाई गईं और फिर दूसरी मशीन की मदद से फंसा वाहन सड़क के किनारे खींचकर हटाया गया, तब जाकर मार्ग खुल सका।
ग्रामीणों के अनुसार अलमोरी डेरा से ग्राम पंचायत परासन केवल करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन बारिश के दिनों में यह कच्चा रास्ता बंद हो जाता है। इसी कारण लोगों को करमचंद्रपुर होते हुए लगभग 22 किलोमीटर का चक्कर लगाकर परासन पहुंचना पड़ता है। करमचंद्रपुर वाले मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हैं जो बारिश में और खराब हो जाते हैं।
स्थानीयों ने बताया कि जून से पहले घाट संचालकों ने इन गड्ढों में मिट्टी भरी थी, लेकिन मानसून की बारिश में वह मिट्टी कीचड़ में बदल चुकी है। इससे छोटे वाहन और ट्रैक्टर दोनों के लिए मार्ग कठिन हो गया है और बार-बार फंसने की घटनाएँ हो रही हैं।
लोक निर्माण विभाग खंड तीन के अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह ने कहा कि यदि यह सड़क उनके सेक्शन में आती है तो उसका सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद सड़क को कार्ययोजना में शामिल कर मरम्मत कराई जाएगी।
ग्रामीण चाहते हैं कि बारिश से पहले स्थायी स्तर पर सड़क की मरम्मत कराई जाए ताकि भविष्य में आवागमन प्रभावित न हो और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कोई अड़चन न आए।
स्रोत: अमर उजाला

