कानपुर। कैंट इलाके के एक नामी स्कूल में छात्र के धर्मांतरण से जुड़े पुराने मुकदमे की जांच के लिए गठित कमेटी पर आपराधिक साजिश रचने और कानूनी कार्रवाई प्रभावित करने के आरोप लगे हैं और इस मामले में रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पीड़ित पिता की शिकायत और कोर्ट के आदेश पर उन्नाव में बनी जांच कमेटी के सदस्य रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी विक्रमजीत तिवारी, स्कूल के चेयरमैन लारेंस फर्नाडीज वाल्टर डिसिल्वा सहित कुल 11 नामजद किए गए हैं। इन अन्य आरोपियों में मैनेजर रोशनी सीजे, सोना खान, आलिव रोज क्लेब, रोहित क्लेब, कल्पना दुरई, कृतज्ञ यादव, दीपेंद्र यादव और लोकेश श्रीवास्तव शामिल हैं।
शिकायत व घटनाक्रम
शिकायत में पिता ने कहा है कि उनका बेटा छावनी के उस स्कूल में हाईस्कूल का छात्र था। आरोप है कि छात्र के साथ शारीरिक संबंध बनाकर शोषण किया गया और उसके साथ डराने-धमकाने व प्रलोभन देकर धर्मांतरण का प्रयास किया गया। छावनी थाने में शिकायत के बाद भी तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
बाद में कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2023 में मुकदमा दर्ज हुआ था। तत्कालीन उत्तर प्रदेश विधि-विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम की धारा और पॉक्सो एक्ट की धाराएँ लगाई गई थीं। आरोप है कि पुराने मुकदमे के बाद स्कूल ने अपने स्तर पर एक जांच कमेटी बनाई और 20 नवंबर 2023 को कमेटी से जुड़े लोगों को पत्र भेजे गए।
पिता का कहना है कि 28 नवंबर को स्कूल की ओर से रजिस्टर्ड डाक पर जो पत्र मिला उस पर विक्रमजीत तिवारी का हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर था। उन्होंने उस नंबर पर करीब 30 मिनट बात की, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास है। इसके बाद आरोप है कि उन्हें दोपहर लगभग तीन बजे बुलाया गया और 18 जनवरी 2024 को स्कूल प्रशासन ने स्पीड पोस्ट से जांच रिपोर्ट भेजी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट में स्कूल से जुड़े लोगों के बयानों को आधार बनाया गया और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच नहीं कराई गई। साथ ही एक टीचर की इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ी चैट में छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया गया है।
छावनी थाने के बाद यह मुकदमा शुक्रवार को छावनी थाने से ट्रांसफर कर दिया गया और अब मामले की विवेचना कानपुर पुलिस करेगी। छावनी इंस्पेक्टर अरविंद राय ने बताया कि उन्नाव में दर्ज प्राथमिकी के बाद ट्रांसफर कर दिया गया है और जांच शुरू की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

