कानपुर नगर। कैंट इलाके के एक नामचीन स्कूल में छात्र के धर्मांतरण से जुड़े पुराने मुकदमे की जांच को लेकर अब पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी विक्रमजीत तिवारी समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।
शिकायत में कहा गया है कि पुराने मुकदमे के बाद स्कूल प्रशासन ने अपने स्तर पर एक जांच कमेटी बना दी। इस कमेटी में रिटायर्ड पीसीएस विक्रमजीत तिवारी और अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। शिकायत के अनुसार 20 नवंबर 2023 को कमेटी से जुड़े लोगों को पत्र भेजे गए थे।
दावे और तारिखें
28 नवंबर को स्कूल की ओर से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिस पर विक्रमजीत तिवारी के हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर दर्ज थे। तिवारी का दावा है कि उन्होंने उक्त नंबर पर करीब 30 मिनट तक बातचीत की, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास है। शिकायत में कहा गया है कि उन्हें स्कूल बंद होने के लगभग दो घंटे बाद, दोपहर तीन बजे बुलाया गया था।
इसके बाद 18 जनवरी 2024 को स्कूल प्रशासन ने स्पीड पोस्ट से जांच रिपोर्ट भेजी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिपोर्ट तैयार करते समय स्कूल से जुड़े लोगों की बातों को आधार बनाया गया और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच नहीं कराई गई। पिता ने यह भी कहा कि एक टीचर की इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ी चैट में छेड़छाड़ हुई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विवेचना शुरू की जाएगी। छावनी इंस्पेक्टर अरविंद राय ने कहा, “उन्नाव में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद छावनी ट्रांसफर की गई है। विवेचना शुरू की जाएगी।” पुलिस जांच में पत्राचार, डिजिटल रिकॉर्ड और कमेटी की रिपोर्ट की पड़ताल शामिल होगी।
प्राथमिकी दर्ज होने से स्कूल प्रबंधन और कमेटी पर लगे संचालित करने वाले प्रभाव के आरोपों का औपचारिक पता चलेगा। आगे की जांच में जिन लोगों के नाम पूछताछ के लिए बुलाए जाने की संभावना है, उन पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
स्रोत: अमर उजाला

