कानपुर नगर। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र में जनता ने विधायक और सरकार के कामकाज पर अपना रुख साफ कर दिया है। अमर उजाला के ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के दौरान व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं से हुई बातचीत में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दे उभरे।
व्यापारियों ने स्थानीय विधायक अमिताभ बाजपेई के कामकाज पर गहरी असंतुष्टि जताई। बबलू वाजपेयी ने कहा कि कानपुर में सबसे ज्यादा जाम इसी विधानसभा में लगता है। विकास गुप्ता ने बताया कि खराब सड़कों और जाम के कारण ग्राहक नहीं आते। कई व्यापारियों ने राज्य सरकार के काम को “बहुत बढ़िया” बताया।
व्यापार और सार्वजनिक सुविधाएं
व्यापारियों ने शिवाला बाजार का जिक्र करते हुए कहा कि वह 165 साल पुराना प्रमुख बाजार है, पर विकास और व्यवस्था में कमी है। विजय प्रकाश गुप्ता और विकास गुप्ता ने राज्य सरकार के काम को ठीक और संतोषजनक बताया। कई ने कहा कि वे 2027 के चुनाव में सोच-समझकर विधायक चुनेंगे।
महिलाओं ने सुरक्षा और योजनाओं पर अलग रुख दिखाया। राधा सैनी ने कहा कि पहले “रावण राज्य” था, अब “राम राज्य” है, जिसमें महिलाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि योगी और मोदी सरकार आने के बाद से सब कुछ ठीक चल रहा है और महिलाएं रात 12 बजे भी सुरक्षित घर जा सकती हैं। सीमा ने भी कहा कि सरकार ने महिलाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।
निवासियों ने पिछले 10 साल में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार स्वीकार किया और मुख्यमंत्री व सांसद के कामकाज की सराहना की। विकास जैसवाल ने फूलबाग मैदान और नानारा राव पार्क के विकास का उल्लेख किया और कहा कि ग्रीन पार्क स्टेडियम की क्षमता 55,000 होने जा रही है। लोगों ने प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और स्कूल ड्रेसेस की योजनाओं की भी तारीफ की।
युवाओं की नाराजगी और आगे की उम्मीद
युवाओं ने विधायक के 10 साल के कार्यकाल पर तीखी नाराजगी जताई और कहा कि उन्होंने शिक्षा और रोजगार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पारस अवस्थी ने कहा कि विधायक ने 10 वर्षों में सिर्फ धरने और चुनावी राजनीति की है। निवासी मुख्यमंत्री से अतिक्रमण हटवाने और व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं और ऐसे विधायक चाहते हैं जो जनता के बीच काम करें।
अब जनता की निगाह 2027 विधानसभा चुनाव पर टिक गई है। क्षेत्र के मतदाता स्थानीय मुद्दों, विकास और व्यवस्था को देखकर अपना फैसला करेंगे। सरकार और प्रत्याशियों से जनता की उम्मीद है कि वे सड़कों, जाम और अतिक्रमण जैसे समस्याओं का समाधान करें।
स्रोत: अमर उजाला
