कानपुर। शुक्रवार को राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज है। इस बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला।
मौर्य ने राकेश सचान और सपा प्रमुख की हालिया मुलाकात पर बोलते हुए कहा, “सपा प्रमुख अखिलेश यादव हमसे मिले थे, भाजपा में शामिल होने के लिए।” इनके इस बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और बढ़ा दिया है। मौर्य ने अपने दावे का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया।
PDA और SIR पर टिप्पणी
केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के PDA फार्मूले पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने PDA का अर्थ “परिवार डेवलपमेंट एजेंसी” और “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” बताते हुए आरोप लगाया कि सपा का PDA गुंडों, अपराधियों, माफिया और दंगाइयों को संरक्षण देने वाला मंच है।
SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर मौर्य ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए शुद्ध मतदाता सूची जरूरी है। उन्होंने SIR की प्रक्रिया का समर्थन किया और कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने 2027 विधानसभा चुनावों के बारे में भी दावा किया। मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर सरकार बनाएगी और पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि “2027 तो छोड़िए, 2047 तक भी समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं आएगी।”
स्थानीय राजनीतिक हलकों में मौर्य के तंज भरे बयान पर मिली‑जुली प्रतिक्रिया रही। कई लोग इसे शेरोशायरी या राजनीतिक दबाव का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों ने इसे तथ्यों के बिना आरोप बताया। अगले दिनों इस बयान के राजनीतिक असर और चर्चाओं को लेकर नेताओं के बयान देखे जाएंगे।
स्रोत: India TV

