कासगंज। वर्षों से लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदस्यों ने तहसील सदर में धरना देकर आवाज उठाई। धरना शनिवार को आयोजित किया गया और बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
धरने में मुख्य मांगें
लेखपालों ने वेतन विसंगति दूर करने और लेवल-5 यानी 2800 ग्रेड पे लागू करने की मांग उठाई। वे अंतर-मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया जो करीब आठ वर्षों से रुकी है, उसे फिर शुरू करने और चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने की भी मांग कर रहे हैं। साथ ही नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा के परिणाम घोषित कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर दिया गया।
लेखपालों ने कहा कि राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आपदा प्रबंधन, ई-गवर्नेंस और कानून-व्यवस्था जैसे कई जिम्मेदारियां उनके कन्धों पर हैं, पर सुविधाएं और संसाधन नहीं दिए गए। संघ ने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने और लेपटॉप तथा मोबाइल जैसे उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।
पालिकाओं और तहसीलों पर असर
धरने से साथ ही पटियाली तहसील में हालत और गंभीर हो गई है। पटियाली में शनिवार को 32 अतिरिक्त लेखपालों ने अपने-अपने बस्ते (चार्ज) जमा कर दिए। इससे आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, विरासत रिपोर्ट, किसान रजिस्ट्रेशन और सत्यापन समेत कई ऑनलाइन व ऑफलाइन राजस्व कार्य प्रभावित हुए हैं।
संघ के निर्देश और प्रस्तावित कार्यक्रम में आगामी गतिविधियों की भी रूपरेखा दी गई है। इसमें पहले चरण के प्रदर्शन के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी शामिल है।
- 8 अक्तूबर: ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार
- 10 अक्तूबर: काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में कार्य
- 12 अक्तूबर: रक्तदान शिविर
- 14 अक्तूबर: जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली
- 17-23 अक्तूबर: संपूर्ण कार्य बहिष्कार
- 24 अक्तूबर से: अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार व जिला मुख्यालय पर धरना की चेतावनी
तहसील सदर और सहावर दोनों स्थानों पर संघ नेताओं ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई न हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अगले दिनों राजस्व सेवाओं में और व्यवधान के संकेत मिल रहे हैं, इसलिए जनहित से जुड़े काम करने वाले लोग और अधिकारियों को तैयार रहना होगा।
स्रोत: अमर उजाला

