लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में तीव्रता ला दी है। एजेंसी ने मामले में पांच लोगों को नोटिस भेजा है और विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से भी पूछताछ करने के कदम उठाए हैं।
ईडी की जांच का फोकस ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन पर है। एजेंसी यह देखने की कोशिश कर रही है कि रकम के स्रोत क्या थे और किस तरह वह ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक पहुंची। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि मिली रकम का इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ।
जांच के बिंदु
एजेंसी अलग-अलग संस्थाओं और कंपनियों से आए पैसों के मार्ग को ट्रेस कर रही है। ईडी यह जांच रही है कि सरकारी परियोजनाओं के ठेके मिलने पर संबंधित ठेकेदारों की ओर से ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी से जुड़ी निर्माण व विकास संबंधी भुगतान हुए या नहीं। जांच टीम इन भुगतानों से जुड़े रिकार्ड भी खंगाल रही है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों से सोमवार से पूछताछ की जा सकती है। साथ ही आजम खां के करीबी सालिम से भी एजेंसी सवाल करेगी। पांच लोगों को भेजे गए नोटिस में उन्हीं से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
इस कदम से यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के खातों की आंतरिक पड़ताल तेज होगी। ईडी की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन और बिलिंग रिकॉर्ड जांच में प्राथमिक महत्व रखेंगे।
स्थानीय लोगों और छात्रों के लिए फिलहाल पढ़ाई और संस्थागत कामकाज प्रभावित होने की कोई सूचना नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है।
आगे क्या होगा
जांच आगे बढ़ने पर और लोगों से पूछताछ की संभावना है। जिनको नोटिस भेजे गए हैं उन्हें एजेंसी के समक्ष दस्तावेज पेश करने होंगे। मामले में आगे की कार्रवाई ईडी की जांच रिपोर्ट और मिले सबूतों के आधार पर तय होगी।
स्रोत: दैनिक जागरण

