लखनऊ। भाजपा ने समाजवादी पार्टी के 34वें स्थापना दिवस पर उसके शासनकाल के 34 कांड और कारनामों को लेकर हमला बोला। रविवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रेसवार्ता कर सपा पर आरोप लगाए और प्रतीकात्मक कार्रवाई की।
पंकज चौधरी ने एक घड़ा जिस पर “सपा के पाप का घड़ा” लिखा था, हथौड़े से तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि सपा ने हालांकि लोहिया के आदर्शों से राजनीतिक रास्ता शुरू किया, पर उसकी तीन सरकारों का कार्यकाल ठीक नहीं रहा। भाजपा ने इन तीनों सरकारों के दौरान हुई नीतिगत और प्रशासनिक कमियों को गिनाया।
मुख्य आरोप और आर्थिक मामले
भाजपा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो सत्ता का केंद्र परिवार ही रहा। पंकज चौधरी ने कहा कि डिंपल यादव को निर्विरोध कराने के लिए प्रतिद्वंद्वियों को धमकी दिए जाने जैसे दावे लोगों में नाराजगी पैदा करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने लगभग 50 विभाग अपने पास रख लिए थे और चुनिंदा जिलों में बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई।
एक विशिष्ट आर्थिक मामला जेपीएनआइसी परियोजना का भी उजागर किया गया। भाजपा के अनुसार इस परियोजना की लागत 265 करोड़ रुपये से बढ़कर 865 करोड़ रुपये हो गई। पार्टी ने कहा कि 821 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, बावजूद इसके परियोजना अधूरी है।
प्रेसवार्ता में पंकज चौधरी ने इन कांडों और कारनामों की सूची भी पेश करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये बातें जनता के समक्ष रखी जा रही हैं ताकि सपा के शासकीय दौर की समीक्षा हो सके।
स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को सपा के संस्थागत इतिहास पर प्रतिकात्मक हमला माना जा रहा है। भाजपा की यह प्रेसवार्ता आगामी राजनीतिक विमर्श में चर्चा का विषय बनेगी।
आगे की कार्यवाही के बारे में भाजपा ने कहा कि वह इन आरोपों को विस्तृत दस्तावेजों के साथ लोगों के सामने रखेगी और आवश्यक होने पर सबूतों के आधार पर कार्रवाई का मार्ग अपनाया जाएगा।
स्रोत: दैनिक जागरण

