लखनऊ। सिसेण्डी में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल और उनके बेटे अमन जायसवाल को दक्षिणी जोन की एसओजी और मोहनलालगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों को रविवार शाम रायबरेली में रिश्तेदार के घर से दबोचा गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। मामले में थाना मोहनलालगंज में 25 जुलाई को इलाके के क्षेत्र पंचायत सदस्य आशीष गुप्ता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचा गया।
फर्जीवाड़े की तरकीब
पुलिस के अनुसार असली सुरेश कुमार की जगह हरीलाल को फर्जी सुरेश कुमार बनाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और उसी आधार पर जमीन की बिक्री कर दी गई। मामले में पहले ही हरीलाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब मामले में नामजद राजेश और उनका बेटा अमन भी पकड़े गए हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल के खिलाफ पहले से 14 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि पिता-पुत्र लंबे समय से फरार थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। रविवार को रायबरेली में उनकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर एसओजी और मोहनलालगंज पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा।
इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि फर्जीवाड़े के मामले में फरार चल रहे पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की शिनाख्त और गिरफ्तारी के लिए छानबीन जारी है।
गिरफ्तारी के बाद पोस्टमार्टम और दस्तावेजों की जाँच के साथ-साथ मामले में दर्ज एफआईआर की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। जिन लोगों ने जमीन खरीदी है, उन्हें अपनी पैनल्टी दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन कागजात सत्यापित कराने की सलाह दी जा सकती है।
पुलिस ने कहा कि जांच आगे बढ़ाई जा रही है और आरोपियों के साथ जुड़े दस्तावेजों व ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर अन्य समन्वित कदम उठाए जाएंगे। जो भी जानकारी जनता के पास हो उसे नजदीकी थाने में पहुंचाया जा सकता है।
स्रोत: अमर उजाला

