लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यूपी कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है। अजय राय की छुट्टी के बाद आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी ने अन्य वरिष्ठ पदों पर भी तबादले किए हैं। देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही फरेंदा सीट के विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है।
नियुक्तियों का संगठन पर असर
पुराने नेतृत्व में यह बदलाव पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति को लेकर किए गए कदम बताए जा रहे हैं। आलोक प्रसाद अनुसूचित जाति से हैं और वह महाराजगंज (एससी) विधानसभा सीट से तीन बार कांग्रेस प्रत्याशी रहे हैं। उनकी नियुक्ति से पार्टी की तैयारी पर स्थानीय स्तर पर असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
विधानसभा में अब आराधना मिश्रा मोना कांग्रेस की विधायक भी हैं, जो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और विधानसभा दल दोनों में शामिल हो गई हैं। चौधरी वीरेंद्र सिंह अब विधायकों के नेता के रूप में विधानसभा में पार्टी का नेतृत्व संभालेंगे।
पार्टी के इस फैसले का स्थानीय कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं पर मिश्रित असर दिख रहा है। कुछ नेताओं ने बदलाव को सकारात्मक करार दिया है जबकि कुछ ने रणनीति और समय पर सवाल उठाए हैं।
अब अगले कुछ दिन में पार्टी की ओर से नए संगठन के साथ चुनावी तैयारियों की रूपरेखा सामने आने की संभावना है। इससे पहले पार्टी स्तर पर किस तरह की रणनीति अपनाई जाएगी, यह देखना होगा।
स्रोत: दैनिक जागरण

