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महराजगंज: गंडक से 3.04 लाख क्यूसेक पानी, तीन गांवों में बाढ़, निकाले जा रहे लोग

सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा में पानी घरों तक पहुंचा; एसडीआरएफ मवेशियों समेत लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जा रही है।

महराजगंज: गंडक से 3.04 लाख क्यूसेक पानी, तीन गांवों में बाढ़, निकाले जा रहे लोग
फोटो: अमर उजाला

महराजगंज। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बाद गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से पानी का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ गया है और दियारा इलाके में हालात बिगड़ गए हैं। शनिवार शाम तीन बजे तक 3.04 लाख क्यूसेक तक पानी छोड़े जाने से निचलौल तहसील के सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार शाम पांच बजे गंडक बैराज से 1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो शनिवार सुबह छह बजे 2.67 लाख क्यूसेक और दोपहर तीन बजे 3.04 लाख क्यूसेक तक बढ़ गया। पानी बढ़ने से दियारा क्षेत्र में स्थिति तेजी से बदल गई और कई घरों तक पानी पहुंच गया।

एसडीआरएफ रेस्क्यू

बाढ़ प्रभावित गांवों में एसडीआरएफ की टीम लगातार बचाव अभियान चला रही है। अधिकारी घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रहे हैं और कई परिवारों को निकालकर ऊंचे ठिकानों पर पहुंचाया जा चुका है। एसडीआरएफ की टीम मवेशियों को भी सुरक्षित जगहों तक ले जा रही है।

शिकारपुर के प्रधान लल्लन यादव ने बताया कि प्रशासन की गाड़ी गांव तक पहुंचते समय रास्ते में फंस गई थी। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे और अधिकारियों को गांव तक पहुँचाया। घरों में पानी भरने के बाद प्रभावित परिवारों को भोजन और पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ा।

दियारा क्षेत्र के पहले बनाए गए आश्रय केंद्रों की हालत कमजोर बताई जा रही है, जिससे सुरक्षित ठिकाने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार फिलहाल अस्पताल प्रमुख सुरक्षित स्थानों में शामिल है, लेकिन आश्रयों की स्थिति सुधारने की जरूरत है। अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं, इसलिए मवेशियों को बचाना भी बड़ी चुनौती बन गई है।

प्रशासनीन निगरानी

नारायणी नदी के किनारे के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। तहसील प्रशासन की टीम ने तेलफाल व भेड़िहारी के पास निरीक्षण किया। भेड़िहारी, चंदा, गुलरभर, डोमा, कन्मीशवा, गेड़हवा और बढ़या सहित कई गांवों में तीन दिनों की बारिश से जलभराव है, हालाँकि शनिवार शाम तक वहां नदी का पानी नहीं पहुँचा था।

राजस्व विभाग की टीम के साथ तहसीलदार अमित कुमार सिंह, नायब तहसीलदार पीयूष जायसवाल और अन्य कर्मचारी प्रभावित गांवों में पहुंचे। पंचायत भवनों में लोगों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था कराई जा रही है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रहा है।

स्रोत: अमर उजाला

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Alok Kumar

Alok Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।