महोबा। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भ समापन दिवस के अवसर पर जनपदीय अंतर विभागीय अभिसरण व संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम प्रभास कुमार ने की और महिलाओं को सावधानी बरतने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
डीएम प्रभास कुमार ने कहा कि सुरक्षित गर्भ समापन के संबंध में सही और प्रामाणिक जानकारी लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नीम-हकीम और असुरक्षित माध्यमों से गर्भ समापन कराने की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सकों की देखरेख में सरकारी या मान्यता प्राप्त चिकित्सालय में ही यह सेवा ली जानी चाहिए।
सेवाओं और सावधानियों पर जानकारी
कार्यशाला में सीएमओ डॉ. विनय कुमार, एसीएमओ डॉ. वीके चौहान और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके वर्मा ने गर्भसमापन की सेवाओं, सावधानियों और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों को अनावश्यक जटिलताओं से बचने के तरीकों से अवगत कराया गया।
मंच पर सीएमएस डॉ. आरके चौरिहा, डॉ. राजेश कुमार, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी शिवकुमार, डीपीएम ममता अहिरवार और सुमित कुमार भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सुरक्षित गर्भ समापन की प्रक्रियाओं और रिफरल सिस्टम पर चर्चा की।
डीएम ने विद्यालय और समुदाय स्तर पर नियमित जागरूक गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए। इससे महिलाओं और किशोरियों तक सही जानकारी पहुंचाने और गलत स्वास्थ्य प्रथाओं से बचाव में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई।
कार्यशाला में स्वास्थ्यकर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। अगले चरण में जिला प्रशासन द्वारा इन संदेशों को व्यापक रूप से फैलाने के लिए अभियान और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

