महोबा। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आज महोबा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही और इसके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। सपा जिलाध्यक्ष शोभालाल यादव और नगर अध्यक्ष रोशन अली ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रेस कॉन्फेंस में सपा नेताओं ने आरोप लगाए कि वर्तमान चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और करोड़ों लोगों के वोट काटकर धांधली की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 2 से 8 अक्टूबर तक विरोध कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सपा ने कहा कि 8 अक्टूबर को महोबा में पुतला दहन और शहर में मार्च निकाला जाएगा।
आंदोलन की रूपरेखा और मांगें
सपा नेताओं ने चुनाव आयोग के गठन के तरीके में बदलाव की मांग उठाई। उनकी मांग थी कि “चुनाव के गठन के लिए अपनाई जाए पारदर्शी प्रक्रिया”। प्रस्ताव में सुझाव दिया गया कि आयोग के अध्यक्ष का चुनाव प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री की सर्वसम्मति से होना चाहिए ताकि आयोग निष्पक्षता से काम कर सके।
सपा ने उन राज्यों के लिए भी अपना रुख साफ किया जहां पार्टी का दावा है कि बेईमानी के कारण सरकारें बनीं। सपा नेताओं ने कहा कि “जिन राज्यों में बेईमानी से सरकार बनीं, वहां दोबारा हों चुनाव”। उन्होंने पुरानी मतदाता सूची के आधार पर दोबारा चुनाव कराने की बात कही।
नगर अध्यक्ष रोशन अली ने सपा की चुनावी भविष्यवाणी भी दोहरायी और कहा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से कराए गए तो “100 सीटों में सिमट जाएगी बीजेपी”। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि किसान, युवा, छात्र और मजदूर मौजूदा सरकार से त्रस्त हैं और जनता इस बार बदलाव के मूड में है।
पार्टी ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी 350 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी और इसके लिए आपराधिक व कानूनी तरीकों से हटाए गए मतों की वापसी की लब्बो-लबाब मांग रही है। महोबा में कार्यकर्ताओं को 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले चरणबद्ध आंदोलन में भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्टी ने स्थानीय लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है और कहा कि आगे की योजनाओं की जानकारी समान रूप से दी जाएगी।
स्रोत: ABP न्यूज़

