मेरठ। समाज को झकझोरने वाले सौरभ हत्याकांड में अब फैसला आने ही वाला है। जिला न्यायालय में बुधवार को इस मामले पर फैसला सुनाया जा सकता है।
अभियोगी पक्ष ने अदालत में 22 गवाहों के बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों की मजबूत कड़ी पेश की है। जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि ये साक्ष्य सिलसिलेवार ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं और उनकी उम्मीद है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
अभियोजन और बचाव की दलीलें
अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों ने अंतिम बहस पूरी कर ली है। जबकि अभियोजन ने 22 गवाहों और फोरेंसिक सबूतों को केस की मुख्य कड़ी बताया, बचाव पक्ष ने चश्मदीद गवाह न होने का तर्क दिया है। बचाव पक्ष का कहना है कि आरोपियों को संपत्ति विवाद में फंसाया गया है और इसलिए उन्हें राहत दी जानी चाहिए।
मीडिया और जनता की नजरें अब अदालत के फैसले पर टिकी हैं क्योंकि यह मामला देश भर में चर्चित रहा है। आरोपियों में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उनके प्रेमी साहिल शुक्ला शामिल हैं। दोनों के लिए सजा का स्वरूप अदालत तय करेगी।
मामले की राजनैतिक और सामाजिक भीषणता के कारण स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार फैसले का खुले दिल से इंतजार कर रहे हैं। आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद सुरक्षा और सनसनी बनी रही है और लोग न्याय मिलने की आशा जता रहे हैं।
क्या अगला कदम होगा
अब फैसला सुनाए जाने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। यदि अदालत दोष सिद्ध करती है तो सजाओं और अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आम नागरिकों से गुजारिश है कि कोर्ट के निर्देशों और पुलिस के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर विश्वास न करें।
मामले के प्राथमिक साक्ष्य में वह नीला ड्रम भी शामिल है जिसमें सीमेंट में जमे सौरभ के शव के टुकड़े मिले थे। ड्रम काटने पर शव तीन हिस्सों में मिला था और सीमेंट में दबने के कारण शव सफेद पड़ चुका था।
स्रोत: अमर उजाला

