मेरठ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के एक बयान ने रोजगार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नौकरी की तलाश के बजाय ई-रिक्शा चलाने की सलाह दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बयान में उन्होंने कहा, “नौकरी मत करो, ई-रिक्शा ले लो… खूब चलाओ और खूब पैसा बनाओ.” इस टिप्पणी के बाद युवा और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता अलग-अलग प्रतिक्रिया दर्ज करा रहे हैं। कई लोगों ने इसे व्यावहारिक सलाह बताया, जबकि कुछ ने इसे उच्च शिक्षा और डिग्री वाले युवाओं के लिए अपमानजनक क़रार दिया।
प्रतिक्रियाएँ और चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद रोजगार के पारंपरिक विकल्प और स्वरोजगार पर बहस तेज हो गई है। कई युवाओं ने कहा कि डिग्री लेकर भी नौकरी नहीं मिल रही, इसलिए छोटे व्यवसाय या स्वावलंबन के विकल्प तलाशना जरूरी है। वहीं कुछ अभिभावक और छात्र उम्मीद करते हैं कि सरकार उच्च शिक्षा के बाद रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
राजनीतिक हलकों में भी इस बयान पर चर्चा है। कुछ कार्यकर्ता इसे जमीन पर रोजगार सृजन की समझ बताकर सही मान रहे हैं। विरोधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पदाधिकारी की यह सलाह व्यापक रोजगार नीति की कमी को छिपा नहीं सकती।
स्थानीय युवाओं पर असर दिखने लगा है और कई जगहों पर ई-रिक्शा वोल्टेज में वृद्धि की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। कुछ युवा इसे अस्थायी विकल्प मानकर आगे की पढ़ाई या प्रशिक्षण के साथ जोड़कर देख रहे हैं।
आगे क्या होगा यह देखना होगा कि सरकार रोजगार बढ़ाने के लिए किस तरह के कदम उठाती है और क्या कोई नई योजना या प्रशिक्षण कार्यक्रम घोषित किया जाता है। शहरी व ग्रामीण इलाकों में इस बयान की चर्चा जारी है और युवा अगली चुनावी और आर्थिक दिशाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
स्रोत: प्रभात खबर

