मेरठ। किठौर थाना क्षेत्र के कस्बा शाहजहांपुर में 28 अगस्त 2021 को हुई दो नाबालिग दोस्तों की हत्या और उनके ई-रिक्शा की लूट के एक मुकदमे में अदालत ने आज फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश सचदेवा ने नित्यानंदपुर गांव निवासी जाहिद को दोषी ठहराकर उम्रकैद की सज़ा दी है।
न्यायालय ने दोषी जाहिद पर 38,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों के बयान सुनाए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयान और वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला दिया।
वारदात और जांच के मुख्य तथ्य
पीड़ित दोनों बच्चे सादिक और अमन शाहजहांपुर कस्बे के निवासी थे। उनकी आयु लगभग 14-15 वर्ष बताई गई थी। 28 अगस्त 2021 को सादिक अपने दोस्त अमन के साथ ई-रिक्शा लेकर निकला था, लेकिन वे घर वापस नहीं लौटे।
अगले दिन फतेहपुर नारायण गांव के जंगल में स्थित एक आम के बाग से दोनों बच्चों के खून से लथपथ शव मिले। पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में पाया गया कि उनकी गला रेतकर और चाकू से वार करके हत्या की गई थी।
जांच में पुलिस और सर्विलांस टीम ने करीब 60 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इन फुटेज के आधार पर पुलिस ने नित्यानंदपुर (किठौर) निवासी जाहिद को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक सबूतों के साथ उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
अभियोजन ने कोर्ट में बताया कि जाहिद ने अपने साथी से 50,000 रुपये का कर्ज लिया था और उसे चुकाने के लिए ई-रिक्शा लूटने की साजिश रची थी। उसने सादिक का ई-रिक्शा 150 रुपये किराये पर लेकर बच्चों को जंगल में ले जाकर एक-एक करके हत्या की थी। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया था कि वह सादिक और अमन से डर गया था, इसलिए उसने उन्हें मार दिया।
शाहजहांपुर और आसपास के लोगों पर इस घटना का गहरा असर रहा है। अब मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद पुलिस की पूछताछ और किसी अन्य संगतियों की भूमिका को लेकर आगे की कार्यवाही की संभावना बनी हुई है।
स्रोत: अमर उजाला

