मेरठ। 27 सितंबर 2026 को गुरुद्वारा शास्त्रीनगर और गुरुद्वारा सत्संग भवन कंकरखेड़ा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाशोत्सव की खुशियाँ मनाते हुए कीर्तन समागम आयोजित किया गया। समारोह में स्थानीय सिख समाज और अन्य श्रद्धालुओं की अच्छी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण भाई जगमीत सिंह मीत का कीर्तन रहा। उन्होंने गुरबाणी शब्दों का गायन कर संगत को निहाल किया और आध्यात्मिक माहौल बनाया।
कीर्तन और उपदेश
भाई जगमीत सिंह मीत ने एक ओंकार के आध्यात्मिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने एक ओंकार को परमात्मा का एक और सत्य स्वरूप बताया और श्रोताओं को ध्यान व भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कीर्तन के दौरान भजन-कीर्तन और श्लोकों का लयबद्ध स्वर पूरे हॉल में गूंजता रहा।
समारोह में गुरुद्वारा प्रबंधन की विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। प्रबंधक कमेटियों के पदाधिकारियों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया, जिससे आयोजन में सहभागिता और भी बढ़ी।
स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम की व्यवस्था और शांतिपूर्ण आयोजन की सराहना की। कई श्रद्धालु बोले कि ऐसे कार्यक्रम समुदाय को जोड़ते हैं और सांस्कृतिक व आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करते हैं।
आयोजकों ने बताया कि आगे भी इसी तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु आगामी कार्यक्रमों की जानकारी गुरुद्वारा बोर्ड और स्थानीय कमेटियों से ले सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

