मेरठ। शहर में मस्जिदों के पास संदिग्ध पर्चे बांटने की सूचना पर खुफिया विभाग और पुलिस चौकन्ना हो गई। घटना जुमे की नमाज के दिन सामने आई, तब अधिकारियों ने इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती।
10 सितंबर को केसरगंज मंडी स्थित मस्जिद के निर्माण को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था और शिकायत मिलने पर प्रशासन ने निर्माण कार्य रोक दिया था। इस विवाद के बाद हालात तब और बिगड़े जब नोएडा के एक मीडिया कर्मी के यहां कवरेज के दौरान नोकझोंक व हंगामा हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और तैनाती
जुमे की नमाज के दौरान पुलिस ने सभी प्रमुख मस्जिदों पर अतिरिक्त बल तैनात रखा। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि नमाजें शांतिपूर्ण ढंग से पढ़ी गईं और जगह-जगह पुलिस मौजूद रही। टीमें वहां निगरानी कर रही थीं ताकि किसी भी प्रकार की अशांति को रोका जा सके।
थाना पुलिस ने पर्चों को जब्त करके जांच के लिए मंगाया तो वे देसी दवाओं के प्रचार से संबंधित निकले। अधिकारी पर्चों की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन्हें किसने और किस मकसद से बांटा।
मामले की पृष्ठभूमि में पहले भी मस्जिद के इमाम और उनके बेटे पर शांति भंग की कार्रवाई हुई थी। हिन्दू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा की थी, जिस पर मुस्लिम पक्ष ने विरोध जताया और माहौल खराब करने का आरोप लगाया था।
इसके साथ ही अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। पुलिस अलर्ट पर है और किसी भी अप्रिय घटना से पहले रोकथाम के प्रयास जारी हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पर्चों के स्रोत का पता लगाने के लिए छानबीन तेज कर दी है और जिन लोगों ने पर्चे बांटे उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। आम लोगों से पुलिस अपील कर रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की सूचना तुरंत थाने या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
स्रोत: अमर उजाला

