मिर्ज़ापुर। विंध्याचल थाने में दर्ज धर्मांतरण मामले की सुनवाई में अदालत ने आरोपी सुशांथा विल्स की अग्रिम जमानत याचिका अन्मंजूर कर दी। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम की अदालत ने सुनाया।
मुकदमे की शुरुआत 22 जून 2025 को हुई एक तहरीर से हुई थी। तहरीर विंध्याचल थाने में विनय कुमार सिंह ने दी थी जिसमें आरोप था कि डेगुहा निवासी धर्मेंद्र कुमार और अभिषेक कुमार कलना गहरवार गांव में हिंदुओं को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रभावित कर रहे थे।
पुलिस जांच और नामजद आरोप
पुलिस ने धर्मेंद्र कुमार और अभिषेक कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान मिशन कंपाउंड निवासी सुशांथा विल्स का नाम भी सामने आया। इसके बाद पुलिस ने सुशांथा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।
सुशांथा के वकील ने अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। राज्य की ओर से पेश सरकारी अधिवक्ता ने याचिका का विरोध किया। कोर्ट ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर याचिका निरस्त कर दी।
अदालत के फैसले के बाद सुशांथा की जमानत पर असमंजस बना हुआ है और अगला कदम क्या होगा यह पता होना बाकी है। फिलहाल मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही चलेगी और आवश्यक कानूनी तारीखों पर सुनवाई होती रहेगी।
पड़ोसी और गांव के लोग सुनवाई के परिणाम पर नजर बनाए हुए हैं। जो लोग मामले से प्रभावित हैं वे आगे की तिथियों और अदालत के निर्देशों को देख रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और आवश्यक कार्रवाई चल रही है।
स्रोत: अमर उजाला

