मिर्ज़ापुर। रविवार से जारी बढ़ाव के बाद गंगा नदि का बढ़ना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। सुबह और दोपहर के बीच जलस्तर में तीव्र बढ़त दर्ज की गई और शाम तक जलस्तर 72.990 मीटर पहुंच गया।
मॉनिटरिंग में पता चला कि सोमवार की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर सात सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। दोपहर 12 से 1 बजे के बीच बढ़ाव की रफ्तार घटकर छह सेंटीमीटर प्रति घंटे रह गई और उस समय जलस्तर 72.820 मीटर रिकॉर्ड हुआ। शाम चार बजे रफ्तार और धीमी होकर तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे रह गई और जलस्तर 72.990 मीटर पहुँच गया।
जलस्तर का समयवार हाल
अधिकारियों ने नदी किनारे बसे क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए रखी है। स्थानीय प्रशासन और जल आपदा टीमों ने निगरानी बढ़ा दी है ताकि जरूरत पड़ने पर जल्दी कार्रवाई की जा सके। फिलहाल किसी प्रकार की आपात सूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
नदी के बढ़ने से निचले पड़े गांवों में रहने वाले लोग चिंतित हैं। कुछ स्थानों पर लोग अपने कीमती सामान ऊंची जगह पर ले जा रहे हैं और जान-माल की सुरक्षा के उपाय कर रहे हैं। स्थानीय बाजारों और खेतों पर किसी बड़े नुकसान की जानकारी अभी नहीं मिली है।
नीचे प्रमुख मापक पढ़ाइयों का सार है:
- सुबह 8 बजे: बढ़ाव की रफ्तार 7 सेंटीमीटर/घंटा
- दोपहर 12-1 बजे: रफ्तार 6 सेंटीमीटर/घंटा, जलस्तर 72.820 मीटर
- शाम 4 बजे: रफ्तार 3 सेंटीमीटर/घंटा, जलस्तर 72.990 मीटर
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने नदी पर नजर रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं और जरूरी संसाधन तैयार रखे हैं। जो लोग नदी के पास रहते हैं वे सावधानी बरतें और आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। आवश्यकता पड़ने पर निकटतम आश्रयस्थल में शिफ्ट करने की तैयारियां की जा सकती हैं।
स्रोत: अमर उजाला

