राजगढ़। पतेरी गांव में 28 सितंबर की रात जयगुरुदेव सत्संग में आई सीता देवी (40) करंट लगने से झुलस गईं। वह मऊकला नरोखर, सोनभद्र की निवासी हैं और घटना के बाद बेहोश हो गईं।
सत्संग में उस समय उत्तराधिकारी संत पंकज महाराज का प्रवचन चल रहा था और आयोजन में घोरावल, रॉबर्ट्सगंज और ओबरा से अनुयायी आए हुए थे। पंडाल में अफरातफरी मचने पर सहयोगियों ने महिला को तुरंत बचाया और एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) राजगढ़ भेजा गया।
आयोजन और मौके की स्थिति
स्थानीय लोगों ने बताया कि सत्संग की व्यवस्था कर रहे लोगों और श्रद्धालुओं की भीड़ थी। करंट किस स्रोत से लगा, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हुई है। घटना के बाद पंडाल में चीख‑पुकार और भगदड़ हो गई थी, जिससे व्यवस्थाकारों को मरीज को बाहर निकालने में तेजी करनी पड़ी।
घायल महिला को CHC राजगढ़ में भर्ती कराया गया है। वहां के चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है और आवश्यक जांच कराई जा रही हैं।
डॉ सर्वेश पांडे ने कहा, “महिला का उपचार किया जा रहा है और हालत में सुधार है”। अस्पताल में मौजूद परिजन और सहयोगी उपचार की जानकारी लेते रहे।
पंडाल में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और अचानक करंट की वजह से अधिकारी और आयोजक हैरान रह गए। अभी तक किसी को घटना के कारण या बिजली व्यवस्था में खामी की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि आवश्यक कार्रवाई और जांच की जाएगी। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि बड़े आयोजनों में बिजली और सुरक्षा इंतज़ामों की जांच पहले कर लें और आपातकालीन स्थिति के लिए अस्पताल से संपर्क बनाए रखें।
स्रोत: अमर उजाला

