मुरादाबाद। भूसा कांड में जिला प्रशासन ने छह लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी है। आरोप है कि सरकारी दर से महंगे दाम पर भूसा खरीदा गया था।
जिला प्रशासन ने जिन छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भेजी है उनमें ब्लॉक बीडीओ मूंढापांडे, दो ग्राम विकास सचिव, दो पशु चिकित्सक और एक ग्राम प्रधान शामिल हैं। मामले में अभी रिकवरी की कार्रवाई बाकी है।
जांच में क्या पता चला
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम ने निरीक्षण के दौरान ब्लॉक मूंढापांडे की गोवर्धनपुर गोशाला में अनियमितताएं पकड़ी थीं। जांच से पता चला कि भूसा के लिए अधिकतम 800 रुपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित थी, जबकि प्रधान एवं पंचायत सेक्रेटरी ने गोवर्धनपुर गोशाला में 1250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भूसा खरीदा।
तत्कालीन जिले के डीएम ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी 30 गोशालाओं की जांच के आदेश दिए थे और इसके बाद सीडीओ के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच टीम ने संबंधित बीडीओ, दो ग्राम सचिवों, दो पशु चिकित्सकों और ग्राम प्रधान की मिलीभगत का हवाला दिया है।
सीडीओ ने इस मामले में विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। साथ ही जिले की ओर से शासन को भी कार्रवाई की सिफारिश भेजी गई है। अभी तक वसूली की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और यह बाकी कार्यवाही के रूप में रह गयी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी लाभ जो पशु आश्रयों को दिए जाते हैं, उन पर इससे भरोसा कमजोर होगा। पशुपालक और गोशाला संचालक अब अगली कार्रवाई और रिकवरी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
अब अगले कदम में शासन और डीएम द्वारा रिपोर्ट की समीक्षा के बाद विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई और वसूली के निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। पशुधन विभाग या जिलाधिकारी कार्यालय ने इस बारे में आधिकारिक टिप्पणी अभी सार्वजनिक नहीं की है।
स्रोत: अमर उजाला

