मुरादाबाद। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रत्याषियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिले में भाजपा का चौथा सर्वे शुरू हो गया है। पार्टी ने इस बार सर्वे का दायरा बढ़ाया है और दावेदारों की संख्या भी अधिक बताई जा रही है।
नगर-देहात की विधानसभा को मिलाकर हर सीट पर कुल तीस टीमें काम करेंगी। ये टीमें हर बूथ, हर वार्ड और समाज के हर वर्ग‑बिरादरी तक जाकर दावेदारों के प्रति लोगों की राय जुटाएँगी। सर्वे में सैंपल की संख्या बढ़ाने पर खास जोर रखा गया है ताकि व्यापक तस्वीर मिल सके।
किस वर्ग पर रहेगा फोकस
पार्टी ने कहा है कि इस बार विशेष रूप से जेन जी वोटरों पर ध्यान दिया जाएगा। पहली बार वोटर बने छात्र-छात्राओं को तवज्जो मिलेगी। इसके अलावा जिले के डॉक्टरों, वकीलों, व्यापारियों, निर्यातकों, नौकरीपेशा और फड़ वाले समेत कई पेशेवर व सामाजिक समूहों को भी सर्वे में शामिल किया जा रहा है।
टीमें हर बिरादरी के बीच भी जाएंगी ताकि जातिगत और सामाजिक समीकरणों का भी सही आकलन किया जा सके। सर्वे का नतीजा यह तय करेगा कि किन दावेदारों को आगे बढ़ाना है और किन संभावित प्रत्याशियों पर और विचार किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर यह सर्वे कई मायनों में निर्णायक माना जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षक बताते हैं कि व्यापक सैंपल से मिलने वाली प्रतिक्रिया से पार्टी को यह समझने में मदद मिलेगी कि लोगों में नाराजगी कितनी है और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर क्या रुख है।
जनता पर इसका असर भी दिखने लगा है। कुछ लोगों का कहना है कि टीमों द्वारा घर-घर जाकर पूछताछ से उन्हें अपना विचार बताने का मौका मिलेगा। वहीं कुछ दलों के कार्यकर्ता इसे उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम मान रहे हैं।
आगे का रास्ता
सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद स्थानीय नेतृत्व और प्रदेश स्तर की विचार‑विमर्श में इसे रखा जाएगा। उसके बाद ही फाइनल फेहरिस्त सार्वजनिक होगी और उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय होगा।
स्रोत: अमर उजाला

