मुरादाबाद। पश्चिम एशिया संकट के चलते माल ढुलाई, ट्रांस‑शिपमेंट और भुगतान जोखिम से जूझ रहे जिले के 600 से अधिक निर्यातकों को राहत मिलेगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने रिलीफ योजना की पात्रता अवधि छह माह बढ़ा कर 31 मार्च 2027 कर दी है।
डीजीएफटी ने यह बदलाव 30 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए किया। इससे पहले पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 तक थी। अब निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले डिलीवरी और ट्रांस‑शिपमेंट वाले निर्यात शिपमेंट 31 मार्च 2027 तक योजना के दायरे में आ सकेंगे।
योजना के प्रमुख प्रावधान
पात्र शिपमेंट पर ईसीजीसी (एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) के माध्यम से 95 फीसदी तक जोखिम कवर उपलब्ध है। योजना के अन्य प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
योजना केवल फुल कंटेनर तक सीमित नहीं है। रीफर कंटेनर वाले शिपमेंट और निर्धारित क्षेत्र से होकर दूसरे देशों को ट्रांस‑शिपमेंट होने वाला माल भी कवर किया जा सकता है। पात्र अवधि में लिया जाने वाला बीमा प्रीमियम संकट से पहले के स्तर से अधिक नहीं रखने का प्रावधान किया गया है।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि मुरादाबाद के 600 से अधिक निर्यातक योजना के दायरे में हैं। उन्होंने बताया कि योजना के संबंधित प्रतिपूर्ति प्रावधानों में प्रति निर्यातक अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सीमा है।
मुरादाबाद से पीतल, एल्युमिनियम और लोहे के हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइटिंग, कैंडल एक्सेसरीज और टेबलवेयर का निर्यात खाड़ी बाजारों के लिए खास है। इन बाजारों और ट्रांस‑शिपमेंट मार्गों से जुड़े जोखिम बढ़ने से योजना की अवधि बढ़ना निर्यातकों को कारोबार जारी रखने का भरोसा देगा।
यंग एंटरप्रेन्योर्स सोसायटी (यस) के अध्यक्ष जेपी सिंह ने कहा, “योजना की अवधि बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि खाड़ी क्षेत्र में भेजा जाने वाला हर माल स्वत: राहत के दायरे में आ जाएगा। इसके लिए निर्धारित क्षेत्र, पॉलिसी, शिपमेंट की तारीख, डिलीवरी या ट्रांस‑शिपमेंट समेत अन्य पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि इस अवधि वृद्धि से बढ़ते मालभाड़े, बीमा खर्च और अनिश्चित परिवहन परिस्थितियों के बीच निर्यातकों को जोखिम सुरक्षा का विकल्प मिलेगा।
निर्यातक अपने शिपमेंट और पॉलिसियों की पात्रता जल्द जांच लें ताकि 31 मार्च 2027 तक उपलब्ध सुरक्षा का लाभ उठा सकें। संबंधित निर्यातक एजेंसियों से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन और दावों की प्रक्रियाओं की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
स्रोत: अमर उजाला

