प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को समाप्त हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने नई तकनीकों और शोध के परिणाम साझा किए।
सम्मेलन में कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए और 41 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। मुख्य विषयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, सॉफ्टवेयर आधारित स्मार्ट नेटवर्क, संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग और मस्तिष्क-प्रेरित प्रणालियाँ शामिल रहीं।
मुख्य व्याख्यान और विशेषज्ञ
कतर विश्वविद्यालय के कतर के प्रो. पीएन सुगाथन ने ऑनलाइन माध्यम से ‘वर्गीकरण और पूर्वानुमान के लिए बहु-आउटपुट प्रमुख वाली यादृच्छिक व बैकप्रोपेगेशन-प्रशिक्षित गहन तंत्रिका प्रणालियां’ पर व्याख्यान दिया। इसके अलावा सुधांशु ओझा ने अगली पीढ़ी के नेटवर्क और उपयोग योग्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए डी-लिंक की तैयारी पर औद्योगिक व्याख्यान प्रस्तुत किया।
बिजनेस हेड पंकज सिंह ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभर रही चुनौतियों और अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। सम्मेलन में शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने तकनीकी प्रयोगों, उनके अनुप्रयोगों तथा सम्भावित शोध क्षेत्रों पर गहन चर्चा की।
प्रोफेसरों और आयोजकों में संस्थान के निदेशक प्रो. एमएम गोरे, कंप्यूटर विज्ञान व अभियांत्रिकी विभाग के आयोजन अध्यक्ष व विभागाध्यक्ष प्रो. मयंक पांडेय और आयोजन सचिव डॉ. दीपक गुप्ता प्रमुख थे। पूर्व संकाय सदस्य प्रो. गुलाब सिंह को विभाग में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मेलन के अंत में प्रतिभागियों और शोधपत्र लेखकों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। आयोजन ने स्थानीय शोध समुदाय और छात्रों को नवीनतम रुझानों से रू-ब-रू कराने का अवसर दिया।
आगे के कार्यक्रमों में इन विषयों पर अधिक कार्यशालाएँ और उद्योग-विद्यालय सहयोग की पहल होने की संभावना है। जिन शोधार्थियों ने अपने पेपर प्रस्तुत किए, वे आगे समाधान तथा व्यावहारिक उपयोग पर काम जारी रखेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

