प्रयागराज। ऑपरेशन में लापरवाही के आरोप में स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय के सर्जन डॉ. राहुल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला 22 जनवरी को पित्त की थैली व हर्निया का संयुक्त ऑपरेशन कराने के बाद बिगड़ने वाली स्थिति का है।
पुलिस ने बताया कि अल्ट्रासाउंड में पित्त की थैली में पथरी पाई गई थी। परिवार ने पिता को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था। पहले डॉक्टरों की टीम ने फेफड़ों से संबंधित समस्या बताते हुए तुरंत ऑपरेशन से इनकार कर दिया था, फिर डॉ. राहुल से संपर्क किया गया। आरोप है कि उन्होंने पिता को फेफड़ों से जुड़े गंभीर खतरे से आश्वस्त किया और ऑपरेशन कराने की सहमति दी।
ऑपरेशन और बाद की हालत
परिवार के अनुसार, करीब 10 दिन बाद डॉ. राहुल ने उन्हें पन्नालाल रोड स्थित अपने निजी अस्पताल डीआर मेमोरियल हॉस्पिटल बुलाया। वहीं 22 जनवरी को मरीज का पित्त की थैली और हर्निया एक साथ ऑपरेट किया गया। ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीज की हालत गंभीर हो गई और उन्हें दो दिन आईसीयू में रखा गया।
आईसीयू में इलाज के बाद डॉक्टरों ने कहा कि मरीज का इलाज उनके वश में नहीं है। इसके बाद मरीज को डॉक्टर के परिचित एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहां एक दिन रखने के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ के अंसल सिटी स्थित बीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई।
थाना प्रभारी रुकुमपाल सिंह ने बताया कि डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की तहकीकात की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी डॉक्टर राहुल सिंह ने कहा कि उन्हें FIR की जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने ऐसे किसी मामले में जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
परिवार के लिए यह हादसा बड़ी पीड़ा लेकर आया है और इलाके में चिंता फैली है। पुलिस ने अस्पताल रिकॉर्ड व ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज तलब कर लिए हैं। मामले में आगे की जानकारी मिलने पर पब्लिक को सूचित किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

