प्रयागराज। बैंक कर्मचारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन से मांगें न माने जाने के विरोध में कल से तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बावजूद रविवार को शहर की बैंक शाखाएं खुली रहेंगी और ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक लेन-देन कर सकेंगे।
शुक्रवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की कीडगंज शाखा में कर्मचारियों ने काला बैज पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के पास उनकी मांगे सुलझाने के लिए पर्याप्त समय था, फिर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यूनियन नेता शिवम श्रीवास्तव ने कहा, “अब कर्मचारियों के पास आंदोलन को आगे बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।”
हड़ताल की रूपरेखा
यूनियन ने तीन दिनों के लिए विरोध-प्रदर्शन की रूपरेखा तय कर ली है। हड़ताल के दौरान अलग-अलग स्थानों पर केंद्रीकृत प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन आयोजित होंगे। इससे बैंकिंग कारोबार पर भारी असर पड़ने का अनुमान जताया जा रहा है।
- 28 सितंबर: सिविल लाइंस स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर सुबह 11 से 12 बजे केंद्रीकृत प्रदर्शन; इसके बाद बाइक रैली कर एसबीआई मुख्य शाखा में दोपहर 12 से शाम 5 बजे धरना।
- 29 सितंबर: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, रीजनल ऑफिस के सामने दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे प्रदर्शन।
- 30 सितंबर: कर्मचारी बाइक रैली निकाल कर इंडियन बैंक मुख्य शाखा सिविल लाइंस पहुंचकर धरना देंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से उन्हें साप्ताहिक अवकाश के लिए बेहतर व्यवस्था मिलेगी। 22 सितंबर को नई दिल्ली में उप मुख्य श्रमायुक्त, श्रम मंत्रालय की अध्यक्षता में यूएफबीयू, आईबीए, डीएफएन और बैंक प्रबंधन के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता भी सकारात्मक नतीजे पर नहीं पहुंची थी।
यूनियन नेताओं ने हड़ताल के संभावित आर्थिक असर का भी अनुमान लगाया है। उनका कहना है कि इस हड़ताल से 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो सकता है। स्थानीय ग्राहकों और अलग-अलग कारोबारी प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए रविवार का दिन बैंकिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
हड़ताल के दौरान सेवाओं में व्यवधान की स्थिति में ग्राहक अपने जरूरी काम आज निपटा लें। जिनको नियमित बैंकिंग सेवाओं की आवश्यकता होगी वे रविवार को शाखाओं में जाकर ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

