संभल। पवांसा ब्लॉक परिसर में सोमवार को उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने पंचायत सचिवालय में आधार बायोमेट्रिक उपस्थिति के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वे डीएम के नाम अपना मांगपत्र एडीओ पंचायत अशोक कुमार त्यागी को सौंपा।
कर्मचारियों ने एक अक्तूबर से बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं करने की शपथ ली। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 7 अक्तूबर को जिलेभर के सफाई कर्मचारी जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे।
मांगें और शिकायतें
संघ के जिलाध्यक्ष धीरज पाल सिंह यादव ने कहा, “सफाई कर्मचारियों को बायोमेट्रिक हाजिरी से मुक्त किया जाए।” उनका कहना था कि शासन द्वारा सफाई कर्मचारियों को निर्धारित जॉब चार्ट में ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर से वेतन मांग पत्र के आधार पर भुगतान किया जा रहा है, तो फिर बायोमेट्रिक की क्या जरूरत है।
कर्मचारियों ने बताया कि कई ग्राम पंचायतों के सचिवालयों में लगी बायोमेट्रिक मशीनें खराब हैं और बिजली व इनवर्टर की व्यवस्था भी फेल रहती है। ऐसे हालात में हाजिरी नहीं लगने पर विभागीय अधिकारी एक दिन का वेतन काट देते हैं। शिकायत करने के बाद भी इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और व्यवस्थाओं की जांच नहीं कराई गई।
धरने में शामिल अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों में जिला महामंत्री रंजीत सिंह, रोहतास पाल, उमर हसन, सुरेंद्र कुमार, कौशल कुमार, आशू राज, परमपाल, मोहम्मद रफीक, संदीप कुमार, राजेश, सुभाष, विजयपाल, शिवा, विनीता, नासिर, जयपाल, बालक राम और राज बहादुर आदि शामिल रहे।
आगे की कार्रवाई
संघ ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप और सचिवालयों में बायोमेट्रिक मशीनों तथा बिजली व्यवस्था की जांच की मांग की है। यदि मांगें नहीं मानीं तो 7 अक्तूबर के धरने का विस्तार जिला मुख्यालय तक किया जाएगा और तब तक बहु-ग्राम पंचायतों के कर्मचारी एकजुटता बनाए रखने का फैसला किया गया है।
स्रोत: अमर उजाला

